विजडम इंडिया।
देहरादून | 14 जनवरी 2026
लोकप्रिय अस्पताल, देहरादून स्थित न्यू ऑडिटोरियम में बुधवार को रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रेनोबल, फ्रांस की निदेशक मैडम कैथरीन कैरास के साथ एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक बैठक एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना, वैश्विक शिक्षा के अवसरों पर चर्चा करना तथा विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर डॉ. हिमांशु ऐरन एवं मैडम कैथरीन कैरास के बीच हुई औपचारिक बैठक से हुई। इसके बाद स्वागत संबोधन में अतिथि का परिचय दिया गया तथा यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रेनोबल की शैक्षणिक उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय पहचान पर जानकारी दी गई। पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
कुलपति प्रोफेसर डॉ. हिमांशु ऐरन ने कहा कि “आज के समय में अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ शिक्षा और शोध में सहयोग बहुत जरूरी हो गया है। इससे विद्यार्थियों को दुनिया के स्तर पर आगे बढ़ने, बेहतर शोध करने और नए विचारों के साथ काम करने का अवसर मिलता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ शोध, नए विचारों और वैश्विक सोच को अपनाने की अपील की।
इस अवसर पर माननीय कुलपति द्वारा मैडम कैथरीन कैरास का सम्मान किया गया।
श्री हरु मेहरा ने विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक साझेदारी के महत्व और इसके लाभों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा और जानकारी सुश्री वैशाली द्वारा दी गई।

अपने संबोधन में मैडम कैथरीन कैरास ने विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों का लाभ उठाने, शोध कार्य में रुचि लेने और आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके विचारों को उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के दौरान डीन एकेडेमिक्स प्रोफेसर डॉ. मनमोहन गुप्ता ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक संवाद से विद्यार्थियों की सोच व्यापक होती है और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होती है।
कार्यक्रम का समापन कला संकाय के डीन डॉ. इमरान द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन मिदत असलम ने किया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव श्री विनय सेमवाल, संस्कृति विभाग के सदस्य श्री रमन कृष्ण किमोठी सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम को शैक्षणिक दृष्टि से सफल और उपयोगी बताया गया।
