प्रदर्शनी में कई स्कूल से आए हुए बच्चों ने सुभारती फाइन आर्ट्स के कलाकारों द्वारा उकेरी गई चित्रों के साथ साथ फैशन डिजाइनिग का ज्ञान प्राप्ति किया
विजडम इंडिया
देहरादून। देहरादून में सुभारती ललित कला विभाग की ओर से आयोजित पंचम कला प्रदर्शनी “कला वर्षा 2026” का आज तीसरा दिन रहा।
देहरादून के कला प्रेमियों के लिए यह एक विशेष अवसर लेकर आई है “कला वर्षा 2026” वार्षिक कला प्रदर्शनी, जो चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी, बल्लूपुर में 7 मई से 11 मई 2026 तक आयोजित हो रही है।
आज की प्रदर्शनी की मुख्य अतिथि सुश्री सुमित कौर थीं, जिनका सम्मान डीन डॉ. रीता तिवारी तथा विभाग के प्रमुख डॉ. संतोष कुमार ने स्मृति चिह्न और पताका पहनाकर किया।

प्रदर्शनी में आज रेनबो चिल्ड्रन्स एकेडमी के विद्यार्थियों ने भ्रमण किया और उन्होंने सुभारती फाइन आर्ट्स के विद्यार्थियों की चित्रकृतियों एवं फैशन डिज़ाइन के कार्यों की प्रशंसा की। इसी के साथ आज इस प्रदर्शनी में कलाकार सुश्री सुमित कौर ने सुभारती विश्वविद्यालय के बच्चों के बीच फैब्रिक पेंटिंग का जीवंत प्रदर्शन (डेमोन्स्ट्रेशन) भी दिया। उन्होंने सभी बच्चों के कार्यों को ध्यानपूर्वक देखते हुए उनकी पेंटिंग्स या इंस्टालेशन के बारे में बच्चों को समझाया और भविष्य में किस प्रकार फैब्रिक पेंटिंग तथा अन्य नए‑नए सामग्रियों पर काम किया जा सकता है, इस पर भी बच्चों से विचार‑विमर्श किया।

यह पाँचवीं वार्षिक कला प्रदर्शनी “कला वर्षा 2026” युवा एवं उभरते हुए कलाकारों की सृजनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित कर रही है। यह प्रदर्शनी देहरादून के सभी निवासियों और कला प्रेमियों को अवश्य देखनी चाहिए, क्योंकि यह प्रदर्शनी समाज के कई पहलुओं को जोड़ते हुए तैयार की गई है।
इस भव्य आयोजन का संयोजन डॉ. मुक्ति भटनागर, सुभारती स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स एण्ड फैशन डिज़ाइन द्वारा किया जा रहा है, जो रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून से संबद्ध है। यह प्रदर्शनी स्वर्गीय संघमाता डॉ. मुक्ति भटनागर को समर्पित है।

इस कार्यक्रम के प्रायोजक हैं: स्वर्णयुग डिज़ाइन कंसल्ट, देहरादून; एलिफेंटा कलर्स; सवारिया स्टेशनरी स्टोर, देहरादून; तथा कथकल्या अकादमी, देहरादून।
इस अवसर पर असिस्टेन्ट डायरेक्टर (अकादमिक) सुश्री अवनी कमल ने कहा कि इस प्रकार के जीवंत प्रदर्शनों से बच्चों को नई‑नई तकनीकों और आज के समय में चल रही समकालीन कला के बारे में जानने और समझने का एक नया वातावरण मिलता है, जिससे उनके अंदर एक नई ऊर्जा का संचार होता है।
इस अवसर पर सुभारती विश्वविद्यालय के डीन और विभाग के शैक्षिक प्रमुख के साथ‑साथ विभाग के सम्मानित शिक्षक गीतिका, अयुष, मनोज, नमन पॉल, दीपक, अंकुश, शैलाफाली, ऊर्वशी, डॉ. मनु शर्मा, शारुख आदि उपस्थित रहे।
