पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ के मसले को अकसर उठाने वाली भाजपा ने टीएमसी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार का कहना है कि आज वोटों के लिए टीएमसी के लोग इन घुसपैठियों का बचाव करते हैं, लेकिन जब मुसलमानों की आबादी 60 फीसदी के पार हो जाएगी तो मुख्यमंत्री उनका ही होगा। उन्होंने ANI को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ऐसी स्थिति में यहां कोई बनर्जी या फिर चटर्जी मुख्यमंत्री बनने की सोच नहीं सकेगा। उन्होंने साफ कहा कि बंगाल को बचाने के लिए यह जरूरी है कि उसकी डेमोग्रेफी में बदलाव न होने पाए।

उन्होंने साक्षात्कार के दौरान कोलकाता में IPAC के दो ठिकानों पर पड़ी ईडी की रेड पर भी बात की। इसके अलावा रेड वाली जगहों पर खुद सीएम ममता बनर्जी के पहुंचने पर भी वह जमकर बरसे। सुकांत ने कहा कि आखिर प्रतीक जैन के घर और IPAC के दफ्तर में ऐसा क्या था, जिसे बचाने के लिए खुद सीएम ममता बनर्जी को वहां पहुंचना पड़ा। सुकांत ने कहा, ‘किसी भी बंगाली के लिए ममता बनर्जी का दिल इतना नहीं पिघला। यह पार्टी तो बांग्ला और गैर-बांग्ला की बात करती है, लेकिन फिर भी उन्हें प्रतीक जैन पर रेड की चिंता हुई। वह तो बंगाल के नहीं हैं। वह कभी अपनी पार्टी के नेता तक को बचाने नहीं गईं। आखिर IPAC के घर में सरकारी दस्तावेज क्या कर रहे हैं।’

वह कहते हैं कि जब बंगाल की डेमोग्रेफी चेंज हो जाएगी। यहां 60 फीसदी मुसलमान हो जाएंगे तो फिर कोई बनर्जी या चटर्जी मुख्यमंत्री नहीं बनेगा बल्कि मुसलमान ही बनेगा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार कोई ऐक्शन ले तो यही सवाल उठेगा कि संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सुकांत ने कहा कि लेफ्ट के लोग तो टीएमसी के साथ बी टीम के तौर पर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में माछ भात खाने वाला कोई शख्स ही भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री होगा। उन्होंने कहा कि लेफ्ट के लोगों ने तो टीएमसी से ही हाथ मिला लिया है। वे अपने वजूद के लिए फिलहाल टीएमसी पर ही निर्भर हैं।

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