रसोई में पकाई जाने वाली कोई भी डिश तभी स्वादिष्ट बनती है, जब उसे पकाने के सही समय और रेसिपी का खास ख्याल रखा जाए। भारतीय परिवारों में घर आए मेहमानों का स्वागत करना हो या शादी-पार्टी का फूड मेन्यू बनाना हो, आलू गोभी को फूड मेन्यू लिस्ट में खासतौर पर जगह दी जाती है। आलू-गोभी की सब्जी खाने में टेस्टी होने के साथ मुंह में भारतीय मसालों का जादू भी घोलकर रख देती है। लेकिन इस सब्जी को बनाना भी एक कला है। लोग अकसर यह शिकायत करते हैं कि आलू गोभी की सब्जी बनाते समय ज्यादा गलने की वजह से सब्जी हलवा बन जाती है। जिससे उसका असली स्वाद और कुरकुरापन कहीं खो जाता है। ऐसा ज्यादातर उन लोगों के साथ होता है जो आलू-गोभी को एक साधारण रेसिपी मानकर जल्दबाजी में पकाते हैं। जबकि टेस्टी गोभी की सब्जी का राज उसे पकाते समय छोटी-छोटी बारीकियों में छिपा हुआ होता है। अगर आप भी इस बात से परेशान रहते हैं कि आपकी बनाई गोभी की सब्जी में वो ढाबे वाला स्वाद या खिला-खिला रंग क्यों नहीं आता, तो आप यकीनन ये 5 गलतियां कर रहे हैं।

गोभी को बहुत छोटा काटना- अगर आप गोभी के फूल के टुकड़ों को बहुत छोटा काटते हैं, तो पकते समय वे जल्दी टूटकर गल जाते हैं। जिससे सब्जी हलवे जैसी बनकर तैयार होती है। गोभी की सब्जी काटते समय फूल हमेशा मीडियम साइज के काटें।

धोने के तुरंत बाद पकाना- गीली गोभी को सीधे तेल में डालने से वह ‘फ्राई’ होने की जगह ‘स्टीम’ होने लगती है, जिससे वह कुरकुरी नहीं बनती। इसके अलावा ऐसा करने से गोभी से अतिरिक्त पानी सब्जी में जाता है और गोभी जल्दी गल जाती है।

मसालों का ध्यान- अक्सर लोग गोभी डालने से पहले ही मसाले बहुत ज्यादा भून लेते हैं, जिससे गोभी के पकने तक मसाले जलकर कड़वे हो जाते हैं। जिससे गाभी की सब्जी का स्वाद खराब हो जाता है।

ढककर ज्यादा देर पकाना- गोभी को जरूरत से ज्यादा देर तक ढककर पकाने से उसका प्राकृतिक रंग काला या गहरा भूरा पड़ जाता है।

गर्म पानी और नमक का इस्तेमाल न करना- फूलगोभी के अंदर अक्सर बारीक कीड़े होते हैं। इसे पकाने से पहले गुनगुने नमक के पानी में 5 मिनट न रखना सेहत और सफाई के लिहाज से बड़ी चूक है।

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