आम बजट से पहले केंद्र सरकार ने देश की जीडीपी पर अग्रिम अनुमान लगाया है। आधिकारिक डेटा के अनुसार, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस ग्रोथ, अच्छी घरेलू खर्च और फिक्स्ड एसेट्स में मजबूत निवेश के कारण चालू वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था में 7.4% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। यह वित्त वर्ष 2024-25 के 6.5 प्रतिशत से अधिक है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी अग्रिम अनुमानों के मुताबिक, विनिर्माण और निर्माण क्षेत्रों में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान करीब सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज किए जाने की संभावना है। हालांकि, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों और बिजली, गैस, जल आपूर्ति, अन्य जन केंद्रित सेवा में चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि अपेक्षाकृत मध्यम रहने का अनुमान है।

इस अनुमान से पता चला है कि नॉमिनल टर्म्स में, चालू वर्ष के दौरान भारत की GDP में 8% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सरकार टैक्स रेवेन्यू कलेक्शन ग्रोथ के साथ-साथ नॉमिनल GDP के संदर्भ में राजकोषीय घाटे, टैक्स उछाल और केंद्र सरकार के कर्ज के मैक्रो रेश्यो के बारे में भी अनुमान लगाती है। बता दें कि ये आंकड़े FY27 के केंद्रीय बजट की गणना का आधार बनेंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले महीने अनुमान लगाया था कि मजबूत इंडस्ट्रियल ग्रोथ, अच्छी खेती की पैदावार और ग्रामीण मांग के अलावा शहरी खपत में सुधार के कारण इस साल भारत की GDP रियल टर्म्स में 7.3% बढ़ने की उम्मीद है। RBI ने दिसंबर तिमाही में 7% और मार्च तिमाही में 6.5% ग्रोथ का अनुमान लगाया था। दरअसल, सितंबर तिमाही के मजबूत प्रदर्शन से इस साल ग्रोथ की उम्मीदें बढ़ी हैं। बीते दिनों मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि साल की पहली छमाही में 8% की मजबूत ग्रोथ और स्ट्रक्चरल सुधारों के मिले-जुले असर के कारण इस फाइनेंशियल ईयर में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7% या उससे ज्यादा बढ़ने की संभावना है।

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