अगर आपके मोबाइल फोन पर ट्रैफिक चालान या नियम उल्लंघन से जुड़ा कोई संदेश आए, तो सतर्क हो जाएं। साइबर ठगों ने चालान के नाम पर ठगी का नया तरीका अपनाया है। फर्जी वेबसाइट के जरिए वे लोगों के खाते में जमा रकम खाली कर दे रहे हैं। ठग मोबाइल फोन पर संदेश भेजते हैं कि ट्रैफिक नियम के उल्लंघन पर आपके वाहन का चालान काटा गया है। संदेश में चालान की पूरी जानकारी देखने के लिए एक लिंक दिया जाता है। लिंक पर क्लिक करने पर हूबहू सरकारी जैसी दिखने वाली एक वेबसाइट खुलती है। इसकी भाषा और लोगो आदि देखकर आम व्यक्ति को शक नहीं होता।

फर्जी वेबसाइट पर चालान की जानकारी के लिए तीन विकल्प (वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चालान नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर) दिए होते हैं। इनमें से किसी एक विकल्प को चुनकर विवरण भरते ही ‘गेट डिटेल’ का बटन दिखाई देता है। बटन दबाते ही अगला पेज खुलता है, जिसमें एक चालान नंबर और एक हजार रुपये की पेनल्टी दिखाई देता है। इसके बाद भुगतान का विकल्प दिया जाता है। जैसे ही व्यक्ति इस पर क्लिक करता है, एक और पेज खुलता है, जहां एटीएम या क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी भरने को कहा जाता है। कई मामलों में ओटीपी भी मांगा जाता है। जानकारी डालते ही साइबर ठग कुछ ही सेकेंड में खाते से पूरी रकम निकाल ले रहे हैं।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी सरकारी विभाग कभी मैसेज के जरिए भुगतान के लिए लिंक नहीं भेजता। चालान से संबंधित जानकारी केवल parivahan.gov.in या echallan.parivahan.gov.in जैसी आधिकारिक वेबसाइटों पर ही उपलब्ध होती है। पुलिस और साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपने बैंक खाते, कार्ड या ओटीपी की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी को ऐसा संदिग्ध मैसेज प्राप्त होता है या ठगी हो जाती है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी थाने में सूचना दें। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता से इस तरह की साइबर ठगी से बचा जा सकता है।

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