राज्य सरकार ने विकास प्राधिकरण योजनाओं में भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने पर 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जल शुल्क लेने का फैसला किया है। अभी तक लखनऊ और वाराणसी को छोड़कर अधिकतर में इसे नहीं लिया जा रहा है।
हर साल बढ़ेगा शुल्क
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। इसके लिए जल शुल्क नियमावली-2022 को मंजूरी दी गई। अभी तक इसके लिए कोई नियमावली नहीं है। इससे पारदर्शी व्यवस्था लागू होगी। ले-आउट प्लान के मामलों में जल शुल्क भूमि के कुल क्षेत्रफल के आधार पर देय होगा।बहुमंजिला भवन निर्माण पर सभी तलों व बेसमेंट को शामिल करते हुए कुल क्षेत्रफल के आधार पर इसे लिया जाएगा। मौजूदा निर्मित क्षेत्र से अतिरिक्त निर्माण करने पर भी जल शुल्क देय होगा। शमन के मामले में शमनीय तल क्षेत्रफल पर जल शुल्क देय होगा। जल शुल्क की दरों को हर साल एक अप्रैल से आयकर विभाग के कॉस्ट इंफलेशन इंडेक्स के आधार पर पुनरीक्षित किया जाएगा।
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