देहरादून।
भारतीय कला जगत के शिखर पुरुष, विश्वविख्यात शिल्पकार एवं स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माता, पद्म विभूषण से सम्मानित राम वी. सुतार के निधन से संपूर्ण देश शोकाकुल है। इस दुःखद अवसर पर रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी अतुलनीय कला-यात्रा को नमन किया।
विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग द्वारा आयोजित विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने स्वर्गीय राम वी. सुतार के चित्र एवं रचनात्मक कृतियों के माध्यम से उन्हें सच्ची कलात्मक श्रद्धांजलि दी। छात्रों द्वारा बनाए गए चित्रों में उनकी सृजनशीलता, व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण को अत्यंत जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अतुल कृष्ण ने अपने शोक संदेश में कहा कि “राम वी. सुतार केवल एक महान शिल्पकार नहीं थे, बल्कि वे भारतीय संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रगौरव को पत्थरों में सजीव करने वाले कलाकार थे। उनकी कला आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र के प्रति समर्पण और सृजनशीलता की प्रेरणा देती रहेगी।”

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु एरन ने कहा कि “राम वी. सुतार का योगदान भारतीय कला को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने वाला है। उनका निधन कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है, किंतु उनकी कृतियाँ उन्हें सदैव अमर बनाए रखेंगी।”
वहीं असिस्टेंट डायरेक्टर (एकेडेमिक्स) अवनी कमल ने कहा कि “ऐसे महान कलाकारों का जीवन विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत पाठ्यपुस्तक होता है। सुभारती विश्वविद्यालय उनके कला-संस्कारों और विरासत को अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
ललित कला विभाग की डीन डॉ. रीता तिवारी एवं विभागाध्यक्ष संतोष साहनी ने संयुक्त रूप से कहा कि राम वी. सुतार ने भारतीय मूर्तिकला को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं और उनका रचनात्मक दृष्टिकोण कला विद्यार्थियों के लिए सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा।
उल्लेखनीय है कि राम वी. सुतार का निधन 17 दिसंबर 2025 को हुआ, जिससे देशभर में शोक की लहर व्याप्त है। रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि वह उनकी अमूल्य कला-विरासत को शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रयासों के माध्यम से सदैव जीवित रखेगा।
