पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद कर रहा है। इसी बीच जर्मनी में रह रहीं नेताजी की पुत्री अनीता बोस फाफ ने भारत सरकार से नेताजी के अवशेषों को भारत लाने की मांग की। अनीता बोस ने यह भी कहा है कि नेताजी के पूरे जीवन में देश की स्वतंत्रता से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं था।
‘जापानी अधिकारियों ने एकत्र किया था अवशेष’
दरअसल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के निधन के बारे में दावा किया जाता है कि एक हवाई जहाज दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद जापानी अधिकारियों में से एक ने उनके अवशेषों को एकत्र किया और उन्हें टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में संरक्षित किया था। तब से पुजारियों की तीन पीढ़ियों ने अवशेषों की देखभाल की है।
अनीता बोस ने कहा कि अवशेषों का डीएनए परीक्षण हो
इसी कड़ी में एक बार फिर जर्मनी में रहने वाली 79 वर्षीय अनीता बोस ने कहा कि वह जापान के टोक्यो स्थित एक मंदिर में संरक्षित नेताजी के अवशेषों के डीएनए परीक्षण के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर के पुजारी और जापानी सरकार को भी परीक्षण से कोई आपत्ति नहीं है और वे अवशेष सौंपने के लिए तैयार हैं।

2022-08-15 16:10:49
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