भारत के ऑपरेशन सिंदूर की खुलकर तारीफ करने के बाद कांग्रेस पार्टी के अंदर आलोचनाओं का सामना कर रहे तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने सफाई दी। उन्होंने साफ कहा कि उनका बयान पूरी तरह व्यक्तिगत था और कोई भी चाहे तो उससे असहमति रख सकता है। थरूर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मैं इस वक्त एक भारतीय के तौर पर बोला था। मैंने कभी नहीं कहा कि मैं पार्टी का प्रवक्ता हूं या सरकार की तरफ से बोल रहा हूं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो भी उन्होंने कहा, उसके लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, पार्टी को नहीं।

थरूर ने यह बयान उस वक्त दिया है जब कांग्रेस के भीतर उनके रुख को लेकर असहजता बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में एक बंद कमरे की बैठक में उन्होंने पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर भारत द्वारा की गई एयर स्ट्राइक्स को बहुत ही सोच-समझकर की गई कार्रवाई बताया था।

पार्टी के कुछ नेताओं को यह बयान अनुशासन की सीमा लांघता हुआ लगा। नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ नेता ने इंडिया टुडे से कहा, “हम एक लोकतांत्रिक पार्टी हैं, लेकिन इस बार थरूर ने लक्ष्मण रेखा पार कर दी है।”

हालांकि, थरूर ने कहा कि उनका मकसद केवल राष्ट्रीय विमर्श में हिस्सा लेना था, खासतौर पर ऐसे वक़्त में जब भारत की बात अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ठीक से नहीं पहुंच रही थी। उन्होंने कहा, “मैंने अमेरिका, यूरोप और मिडिल ईस्ट में भारत के पक्ष को कमजोर देखा, इसलिए अपने विचार रखे।” उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की बात कही थी। थरूर ने भारत की कार्रवाई को संप्रभु और सोच-समझकर उठाया गया कदम बताया।

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