बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को कहा कि पार्टी कार्यकर्ता दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणामों से निराश न हों और पूरे जोर-शोर से आंबेडकरवादी संघर्ष जारी रखें। बसपा प्रमुख ने कहा कि दिल्ली चुनाव भी दो पार्टियों के बीच ज्यादातर ”राजनीतिक द्वेष व चुनावी छलावा” ही बनकर रह गया, जिसके चलते वहां के बहुजनों की स्थिति सुधरने वाली नहीं लगती है। मायावती ने सोमवार को दिल्ली और हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार की समीक्षा की। साथ ही दिल्ली व अन्य पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में आगे के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

मायावती ने कहा, ‘हरियाणा की तरह, दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी भाजपा और आम आदमी पार्टी की जबरदस्त राजनीतिक चालबाजी व जुमलेबाजी हावी रही और इस कारण बसपा को अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सका।’ उन्होंने कहा कि पार्टी के लोगों को इससे निराश न होकर आंबेडकरवादी संघर्ष पूरे तन, मन, धन से जारी रखना है। उन्होंने कहा की भाजपा के सत्ता में आने से अब अपना हक़ पाने के लिए इन्तजार करना होगा। उन्होंने हर साल की तरह 15 मार्च को कांशीराम जयंती मंडलो में मनाने का निर्देश दिया।

बसपा को आगे बढ़ाने का लेंगे संकल्प

मायावती ने कहा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केवल मेरठ मण्डल के बीएसपी के सभी लोग, पूर्व की तरह ही, गौतम बुद्ध नगर के नोएडा में राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल’ में बीएसपी के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर कांशीराम को अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे और पार्टी व मूवमेनट को आगे बढ़ाने का पुनः संकल्प लेंगे। साथ ही यूपी में केवल लखनऊ मण्डल के पार्टी के छोटे-बड़े सभी लोग राजधानी लखनऊ में बीएसपी सरकार द्वारा स्थापित किए गए कांशीराम स्मारक स्थल’ पर पहुंचकर बहुजन नायक कांशीराम को अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे।

उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे, जबकि यूपी के बाकी सभी मण्डलों के बीएसपी के लोग अपने-अपने जिले व मण्डल में ऐसे ही कार्यक्रम हर वर्ष ही की तरह विचार संगोष्ठी आदि आयोजित करके बीएसपी सरकार द्वारा यूपी में पार्टी की सरकार के दौरान जनहित एवं जनकल्याण तथा अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था के मामले में कानून द्वारा कानून का राज स्थापित करने जैसे बेहतरीन व ऐतिहासिक कार्यों के बारे में लोगों को जागृत करेंगे।

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