अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके मूड स्विंग्स! हाल ही में भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने वाले कानून पर मंजूरी देने वाले ट्रंप अब भारत का गुणगान करते नजर आए हैं। ट्रंप ने भारत की एक इंफ्रास्ट्रक्चर योजना का जिक्र करते हुए कहा है कि उनकी सरकार इसका पूरा समर्थन करती है। इस योजना का कनेक्शन ईरान से है।

दरअसल ट्रंप ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) का समर्थन किया है। ट्रंप यहां बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के साथ एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह आर्थिक गलियारा मिडिल ईस्ट के तेल और व्यापार के रास्तों को ईरान के नियंत्रण वाले संवेदनशील इलाकों से दूर ले जाने का एक सुरक्षित और प्रभावी जरिया बनेगा।

कार्यकम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “पड़ोसी देशों में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के हमलों ने यह साफ कर दिया है कि हमें मिडिल ईस्ट के ऊर्जा आपूर्ति को ईरानी चेकपॉइंट्स से दूर ले जाने की जरूरत है। यही वजह है कि मेरी सरकार भारत-मध्य पूर्व आर्थिक कॉरिडोर और ऐसे दूसरे मार्गों का पुरजोर समर्थन करती है ताकि पाइपलाइन या अन्य माध्यमों से तेल को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।” ट्रंप ने कहा, “हम सब मिलकर दशकों पुरानी बीमारी से निजात पाने के बेहद करीब हैं।”

भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) को हम एक बहुत लंबा व्यापारिक रास्ता या ‘सुपर-हाइवे’ समझ सकते हैं। यह भारत को यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों के रास्ते यूरोप से जोड़ता है। इसके जरिए माल को समुद्र के रास्ते जहाजों से ले जाने, फिर आगे ट्रेन और सड़कों के जरिए एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाने की योजना है। आसान शब्दों में कहें तो, यह भारत से यूरोप तक सामान भेजने का एक वैकल्पिक रास्ता है जो दूरी और समय दोनों को कम कर देगा। वहीं मिडिल ईस्ट के समुद्री रास्तों पर निर्भरता भी कम होगी।

9 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के दौरान IMEC योजना का ऐलान किया गया था। इस योजना के दो मुख्य हिस्से हैं-

 यह कॉरिडोर भारत के पश्चिमी तट पर स्थित मुंद्रा पोर्ट को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह पोर्ट से जोड़ेगा। इसके बाद सऊदी अरब और जॉर्डन से होकर गुजरने वाली रेलवे लाइन के जरिए सामान को कंटेनरों में इजरायल के हाइफा पोर्ट तक पहुंचाया जाएगा।

 हाइफा पोर्ट से भारतीय उत्पादों को जहाजों के जरिए यूरोप के प्रमुख बंदरगाहों, जैसे फ्रांस के मार्सिले और इटली और ग्रीस के बंदरगाहों तक भेजा जाएगा।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच कई महीनों से जंग जारी है। इस दौरान दुनिया के सबसे प्रमुख जलमार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बुरी तरह बाधित हुआ है। ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों को लगातार निशाना बनाया है और इसमें अमेरिका का भी अच्छा खासा नुकसान हुआ है। अब ट्रंप को IMEC के रूप में होर्मुज के नए विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

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