पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गुरुवार को राजघाट पर इंडिया गठबंधन के नेताओं और सांसदों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का अपना प्लान रद्द करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता से दिल्ली आ रहीं ममता को बम की धमकी की वजह से कोलकाता एयरपोर्ट पर कुछ देर इंतजार करना पड़ा।
हालांकि, वह राजधानी पहुंच गईं, लेकिन उनकी फ्लाइट इतनी देर से उतरी कि वह विरोध प्रदर्शन के लिए राजघाट नहीं पहुंच सकीं। ममता बनर्जी शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करने के लिए राष्ट्रपति भवन जाने वाली हैं। इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि वह शनिवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से बुलाए गए विरोध-प्रदर्शन में शामिल होंगी या नहीं। इसमें वामपंथी दलों के छात्र संगठन भी हिस्सा लेंगे।
बता दें कि लगातार तीसरे दिन इंडिया गठबंधन के नेताओं ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में एक समूह ने राजघाट पर महात्मा गांधी के स्मारक पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि वे शुक्रवार को भी अपना विरोध जारी रखेंगे।
सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि विपक्षी सांसद संसद परिसर में इकट्ठा होंगे और वहां से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे। पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा, “हमने राष्ट्रपति से इंडिया गठबंधन के नेताओं से मुलाकात का अनुरोध किया है। पहला अनुरोध पत्र 2 अक्टूबर को भेजा गया था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन कार्यालय ने हमें नामों की सूची देने को कहा। 5 अक्टूबर को हमने इंडिया गठबंधन के सभी नेताओं के नामों सहित एक अनुरोध पत्र भेजा। हमने 7, 8 और 9 अक्टूबर के लिए समय मांगा था। आज 8 अक्टूबर है। हम कल तक इंतजार करेंगे, अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।”
इंडिया गठबंधन के एक सूत्र ने कहा, “अगर राष्ट्रपति नियुक्ति मंजूर कर देते हैं, तो हम राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे और चुने हुए कुछ सांसद उनसे मिलेंगे। अगर ऐसा नहीं होता है, तो हम भवन तक मार्च करेंगे और वहां विरोध प्रदर्शन करेंगे।”पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को बाढ़ और कटाव से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मालदा जिले में बाढ़ से प्रभावित लगभग 24600 परिवारों के लिए 242 करोड़ रुपये के मुआवजे के पैकेज की घोषणा की।
