लेखक – श्री राकेश कौल, चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर – रिटेल बिज़नेस, बजाज जनरल इंश्योरेंस

कार रखने वाले कई लोग मानते हैं कि जैसे-जैसे उनका वाहन पुराना होता जाता है, उसके लिए इंश्योरेंस की आवश्यकता अपने आप कम होती जाती है। हालांकि कार की आयु बढ़ने के साथ इंश्योरेंस का प्रीमियम अक्सर कम हो जाता है, लेकिन कवरेज की सही राशि केवल कार के निर्माण वर्ष पर निर्भर नहीं करती। गाड़ी का इस्तेमाल कितनी बार होता है, उसे कहां चलाया या पार्क किया जाता है, मालिक की आर्थिक ज़रूरतें क्या हैं और वह अपनी गाड़ी के लिए कितनी सुरक्षा चाहता है, इन सभी बातों की इंश्योरेंस कवरेज तय करने में अहम भूमिका होती है। अच्छी खबर यह है कि पुरानी कार के मालिकों के पास चुनने के लिए कई इंश्योरेंस विकल्प होते हैं। समय के साथ इंश्योरेंस की ज़रूरतें कैसे बदलती हैं, यह समझकर वे ऐसा कवरेज चुन सकते हैं, जो बजट में भी रहे और गाड़ी को पर्याप्त सुरक्षा भी दे।
कार की आयु इंश्योरेंस को कैसे प्रभावित करती है|

 


जैसे-जैसे कार पुरानी होती जाती है, उसकी कीमत में धीरे-धीरे कमी आती है, क्योंकि समय के साथ उसकी वैल्यू घटती रहती है। इसका असर इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू (आईडीवी) पर पड़ता है, यानी वह राशि जो इंश्योरेंस कंपनी गाड़ी पूरी तरह खराब होने या चोरी होने की स्थिति में आपको दे सकती है। क्योंकि आईडीवी समय के साथ कम हो जाती है, इसलिए इंश्योरेंस प्रीमियम भी कम हो सकते हैं। हालांकि, इंश्योरेंस सिर्फ गाड़ी की मार्केट वैल्यू पर ही निर्भर नहीं करता। यह दुर्घटना, चोरी, प्राकृतिक आपदाओं और थर्ड-पार्टी से जुड़ी ज़िम्मेदारियों के कारण अचानक होने वाले के खर्चों से भी सुरक्षा देता है। इसलिए, इंश्योरेंस कवरेज का फैसला सिर्फ गाड़ी की आयु के मुताबिक नहीं, बल्कि अपनी ज़रूरतों और संभावित जोखिमों को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
पुरानी कारों के लिए इंश्योरेंस क्यों महत्वपूर्ण है|

कई साल पुरानी होने के बाद भी कार रोज़मर्रा की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बनी रहती है। चाहे कार का इस्तेमाल रोज़ ऑफिस आने-जाने, परिवार के साथ घूमने या कभी-कभार यात्रा करने के लिए होता हो, सही इंश्योरेंस कवरेज होने से अचानक आने वाले बड़े खर्चों की चिंता कम हो जाती है।
दुर्घटना से होने वाले नुकसान से सुरक्षा: सड़क पर दुर्घटना या अचानक कोई अनहोनी कभी भी हो सकती है, फिर चाहे गाड़ी कितनी भी पुरानी क्यों न हो। कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस दुर्घटना, टक्कर, आग, प्राकृतिक आपदाओं और पॉलिसी में शामिल अन्य घटनाओं से होने वाले नुकसान को कवर करता है। इससे गाड़ी के मालिकों को मरम्मत के खर्च को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलती है।

चोरी से सुरक्षा: कई साल पुरानी होने के बाद भी कार एक कीमती संपत्ति होती है।

पैकेज पॉलिसी में गाड़ी चोरी होने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिलती है, जिससे चोरी के कारण होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान का बोझ कुछ कम हो सकता है।थर्ड-पार्टी देयता से सुरक्षा: भारत में सभी वाहनों के लिए थर्ड-पार्टी कार इंश्योरेंस अनिवार्य है। यह थर्ड पार्टी को लगी चोटों, मृत्यु या प्रॉपर्टी के नुकसान से जुड़ी कानूनी और फाइनेंशियल देयताओं को कवर करता है। कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस में इंश्योर्ड वाहन के लिए सुरक्षा प्रदान करते समय इस अनिवार्य कवर को शामिल किया जाता है।
गाड़ी चलाते समय अधिक आत्मविश्वास: पर्याप्त इंश्योरेंस कवरेज होने से गाड़ी चलाते समय मन में ज़्यादा आत्मविश्वास रहता है। चाहे आप शहर की व्यस्त सड़कों पर गाड़ी चला रहे हों या लंबी दूरी का सफर कर रहे हों, इंश्योरेंस आपको कई तरह के संभावित जोखिमों से सुरक्षा देता है।

पुरानी कारों के लिए इंश्योरेंस विकल्पों को समझें

थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस: थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस वाहन के स्वामित्व के लिए कानूनी आवश्यकता को पूरा करता है। यह किसी दूसरे व्यक्ति को चोट लगने, उसकी मृत्यु होने या उसके वाहन अथवा संपत्ति को नुकसान पहुंचने पर होने वाली कानूनी और आर्थिक ज़िम्मेदारियों को कवर करता है।
कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस: कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस में थर्ड-पार्टी लायबिलिटी कवरेज के साथ आपकी अपनी गाड़ी को भी दुर्घटना, चोरी, आग और प्राकृतिक आपदाओं जैसे जोखिमों से सुरक्षा मिलती है। भले ही इसे आमतौर पर नई गाड़ियों के साथ जोड़ा जाता है, लेकिन यह पुरानी कारों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है, बशर्ते वे नियमित रूप से चलती हों, अच्छी स्थिति में हों, किसी खास जगह के जोखिमों के दायरे में आती हों या आपके मन के करीब हों। सिर्फ थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के मुकाबले यह आपको और भी ज़्यादा सुरक्षा देता है, जिससे अचानक आने वाले खर्चों से बचने में काफी मदद मिलती है।
इनमें से कौन सा विकल्प चुनना है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप गाड़ी का इस्तेमाल कैसे करते हैं, आपका बजट कितना है और आप गाड़ी के लिए कितनी सुरक्षा चाहते हैं।

कवरेज चुनने से पहले इन कारकों पर विचार करें|

पुरानी कार भी हमारे लिए एक कीमती चीज़ होती है, इसलिए सड़क पर आने वाली हर तरह की अनहोनी या दिक्कतों से बचाने के लिए इसे भी अच्छी सुरक्षा की ज़रूरत होती है। गाड़ी की इंश्योर्ड वैल्यू समय के साथ भले ही कम हो जाए, लेकिन दुर्घटना, चोरी, प्राकृतिक आपदाओं और थर्ड-पार्टी देयताओं का खतरा हमेशा बना रहता है। कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेने से आपको पैसों के मामले में पूरी सुरक्षा मिल जाती है और गाड़ी के साथ अचानक होने वाले किसी भी नुकसान का खर्च उठाने में आसानी होती है। पुरानी कार के लिए इंश्योरेंस चुनते समय यह देखना फायदेमंद रहता है कि पॉलिसी कुल मिलाकर आपको कितनी सुरक्षा दे रही है। कॉम्प्रिहेंसिव कवर के साथ-साथ सही ऐड-ऑन कवर लेने से सुरक्षा का दायरा और बढ़ जाता है, जिससे कार मालिक अपनी ज़रूरत के हिसाब से पूरी सुरक्षा पा सकते हैं। जो लोग गाड़ी के इस्तेमाल के हिसाब से प्रीमियम में थोड़ी छूट चाहते हैं, उनके लिए इंश्योरेंस कंपनियां ‘पे-एज़-यू-ड्राइव’ या ‘यूसेज-बेस्ड’ (इस्तेमाल पर आधारित) प्लान का विकल्प भी देती हैं। अलग-अलग फीचर्स और फायदों की अच्छे से समीक्षा करके कार मालिक ऐसा प्लान चुन सकते हैं जो उन्हें सही सुरक्षा दे और बिना किसी चिंता के बेफिक्र होकर सफर करने में मदद करे।

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