यूपी की योगी सरकार द्वारा मदरसों के कराए गए सरकारी सर्वे में दारुल उलूम देवबंद भी गैर मान्यता प्राप्त मिला है। इसके साथ ही जिले भर में 306 मदरसे गैर मान्यता प्राप्त मिले हैं। अल्पसंख्यक विभाग का कहना है कि दारूल उलूम सोसाइटी एक्ट-1988 के तहत पंजीकृत है। इसलिए इसे गैर कानूनी नहीं कहा जा सकता है।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कराए जा रहे गैर सरकारी मान्यताप्राप्त मदरसों का सर्वे बीती 10 सितंबर को आरंभ हुआ था। जिसक कार्य 20 अक्तूबर को पूरा हो गया। हालांकि 15 नवंबर तक डीएम द्वारा सर्वे रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जानी है। अभी तक की जांच रिपोर्ट में दारुल उलूम समेत 306 मदरसे गैर मान्यता प्राप्त मिले हैं।
सोसाइटी एक्ट में हैं दर्ज
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी भरत लाल गौड़ ने बताया कि जनपद के सभी मदरसों का सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। रिर्पोट डीएम को भेज दी गई है। दारुल उलूम देवबंद समेत कुल 306 मदरसे गैर मान्यता प्राप्त हैं। ये सरकारी मदद नहीं लेते हैं। कहा कि यह मदरसे गैर मान्यताप्राप्त हैं, गैर कानूनी नहीं हैं। सोसाइटी एक्ट में ये पंजीकृत हैं ।

2022-10-22 18:21:45 https://wisdomindia.news/?p=7335
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