प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के गांधीनगर में बुधवार को डिफेंस एक्सपो 2022 का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वह डिफेंस स्पेश मिशन की भी शुरुआत करेंगे। अंतरिक्ष संबंधी सुरक्षा तैयारियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन 75 चुनौतियों को भी सामने रखेंगे जिनसे पार पाकर भारत अंतरिक्ष वारफेयर का महारथी बन सकता है। रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर इन चुनौतियों को दिखाया जाएगा।

इन चुनौतियों को पांच पैमानों पर विभाजित किया गया है। इसमें तकनीक लॉन्च सिस्टम, सैटलाइट सिस्टम, कम्युनिकेशन और प्लेलोड सिस्टम, ग्राउंड सिस्टम और सॉफ्टवेयर सिस्टम शामिल हैं। बता दें कि धीरे-धीरे धरती, समंदर और आकाश से युद्ध अंतरिक्ष की ओर बढ़ रहा है। इसके लिए भारत भी अपनी पूरी तैयारी कर रहा है। अंतरिक्ष विज्ञान के युग में भारत की यह शुरुआत भविष्य में रंग ला सकती है।

स्पेस डिफेंस मिशन अंतरिक्ष आधारित तकनीक और प्राइवेट सेक्टर को बूस्ट देगा। अब तक इस मिशन के तहत 50 स्टार्टअप, 20 अंडर मेक 1 (आंशिक सरकारी फंडिंग) और बाकी बड़े सरकारी खर्च वाली योजनाएं होंगी। डीआरडीओ और ISRO भी इस मिशन में पूरी मदद करेगा। इसके अलावा मिनिमम ऑर्डर क्वांटिटी, प्रोजेक्ट डिवेलपमेंट बजट और अन्य बातें यूजर के आधार पर तय होगी। जैसे कि भारतीय थल सेना, नौसेना या वायुसेना ही इन बातों को तय करेगी।

2022-10-18 15:57:04 https://wisdomindia.news/?p=7135
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