अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बीच अब वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर की दान पेटिकाओं पर खड़े सेवादारों पर सवाल उठाए गए हैं। हाई पावर्ड कमेटी के सदस्य रहे सेवायत दिनेश गोस्वामी का आरोप है कि ये सेवादार श्रद्धालुओं के दान को खुद डालने के नाम पर हड़प लेते हैं। हालांकि कमेटी के चेयरमैन ने इसे व्यक्तिगत आरोप बताते हुए कहा कि अव्यवस्थाएं हावी थीं। इन्हें सुधारा जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मंदिर की व्यवस्था को बनी हाई पावर्ड टेम्पल मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य रहे दिनेश गोस्वामी का आरोप है कि बिहारीजी में सेवायत गोस्वामियों द्वारा विशेषकर वीआईपी गैलरी के नजदीक रखी आधा दर्जन पेटिकाओं के पास अपने सेवादार खड़े किए जाते हैं। इससे श्रद्धालु सीधे पेटिका में दान नहीं डाल पाता। सेवादारों द्वारा उनसे दान को यह कहकर ले लिया जाता है कि वह पेटिका में डाल देंगे। गोस्वामी का आरोप है कि सेवादार उस दान को पेटिकाओं में न डालकर अपनी जेब में रख लेते हैं और उसे सेवायत गोस्वामियों तक पहुंचाया जाता है।
बांकेबिहारी में आने वाले दान पर प्रबंध समिति का अधिकार है, लेकिन अधिकांश सेवायत गोस्वामियों द्वारा सेवा के दौरान जगमोहन में कलश रख लिए जाते थे। श्रद्धालुओं से इन्हीं कलशों में दान लिया जाता था और उक्त कलशों को सेवायत अपने घर ले जाते थे। बताया जाता है कि हाई पावर्ड टेम्पल मैनेजमेंट कमेटी के गठन के बाद कलश रखने और पेटिकाओं पर डलिया रखने पर रोक लगाई गई, जिसके बाद सेवायतों ने पेटिकाओं के पास सेवादारों को खड़ा कर दान राशि पर छीनने की तरकीब खोज निकाली।
बांकेबिहारी की हाई पावर्ड टेम्पल मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन जस्टिस अशोक कुमार ने बताया कि किसी पर व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप उचित नहीं है। कमेटी द्वारा मंदिर की व्यवस्थाओं को सुधारने का काम किया जा रहा है। पूर्व में सेवादारों/भण्डारियों द्वारा दान पेटिकाओं पर डलिया रख ली जाती थी, उस पर रोक लगाई गई है। सेवायत गोस्वामियों द्वारा कलश रखे जाते थे, उस पर अंकुश लगाया गया। वर्षों से अव्यवस्थाएं हैं, उनको दुरुस्त करने में थोड़ा समय लग रहा है।
गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी पकड़ाई है। इसे लेकर यूपी की राजनीति में भी गरमाई हुई है। एक तरफ एसआईटी जांच हो रही है तो दूसरी तरफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करके पड़ताल हो रही है। गणना में शामिल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और करीब 80 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। रोज नए-नए खुलासे से रामभक्तों में खलबली मची है।
