जिले में किसानों की फार्मर आइडी बनाने का अभियान तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रशासन और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयासों का असर है कि जनपद में अब तक 6,00,018 किसानों की फार्मर आइडी तैयार की जा चुकी है।
इसके साथ ही लखीमपुर खीरी प्रदेश के उन चुनिंदा जिलों में शामिल हो गया है जिन्होंने छह लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण पूरा कर लिया है। प्रदेशीय रैंकिंग में जिले को 29वां स्थान प्राप्त हुआ है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में जन सेवा केंद्रों के माध्यम से 3,47,650, सेल्फ मोड से 75,000, सहायक ऐप के जरिए 1,62,807 तथा कैंप मोड से 15,207 किसानों की फार्मर आइडी बनाई गई है। कुल मिलाकर जिले में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 83.11 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अभियान के बीच किसानों को एक और बड़ी सुविधा दी गई है।
अब किसान पोर्टल पर स्वयं लॉगिन कर अपने विवरण में आवश्यक संशोधन और अपडेट कर सकेंगे। इससे छोटे-मोटे सुधारों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और समय की भी बचत होगी।
प्रदेश में फार्मर आईडी निर्माण के मामले में आजमगढ़ 7.44 लाख, जौनपुर 6.96 लाख, सीतापुर 6.68 लाख और खीरी के 6 लाख से अधिक पंजीकरण के साथ छह लाख का आंकड़ा पार करने वाले प्रमुख जिलों में शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि शेष किसानों का पंजीकरण भी तेजी से कराया जा रहा है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि जिनकी फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे जल्द से जल्द पंजीकरण करा लें। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किस्त प्राप्त करने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य की जा रही है।
ऐसे में पंजीकरण न कराने वाले किसानों को भविष्य में योजना का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। अधिकारियों का दावा है कि अभियान को अंतिम चरण तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र किसान इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे।
