अयोध्या,वरिष्ठ संवाददाता। रामनगरी अयोध्या में इस वर्ष सावन झूलनोत्सव नई परंपराओं और भव्य आयोजनों के साथ मनाया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पहली बार झूलनोत्सव की शुरुआत सावन शुक्ल पंचमी के बजाय सावन शुक्ल तृतीया से की जाएगी। इस बार उत्सव का सबसे खास आकर्षण रामलला के उत्सव विग्रह की पालकी यात्रा होगी। मंदिर ट्रस्ट ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं और आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूतल पर विराजमान रामलला के उत्सव विग्रह को विधि-विधान के साथ पालकी में विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद पालकी यात्रा मंदिर परिसर में ही स्थित कुबेर टीला तक जाएगी। वहां उत्सव विग्रह का पूजन-अर्चन किया जाएगा और भगवान को झूला विहार कराया जाएगा। माना जा रहा है कि जन्मभूमि मंदिर में पहली बार होने वाली यह पालकी यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी。

पालकी यात्रा मंदिर परिसर तक ही सीमित रहेगी और उत्सव विग्रह को कुबेर टीला तक ले जाकर झूला विहार कराया जाएगा।

झूलनोत्सव के दौरान 15 अगस्त से 28 अगस्त तक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में प्रतिदिन शाम को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कलाकार भगवान श्रीराम की भक्ति, राम भजन और भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इन सांस्कृतिक आयोजनों में भक्ति संगीत, रामकथा और भारतीय लोक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराएंगी।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में सावन झूलनोत्सव इस बार कई मायनों में खास होने जा रहा है। सावन शुक्ल तृतीया से उत्सव की शुरुआत, पहली बार रामलला के उत्सव विग्रह की पालकी यात्रा और कुबेर टीला पर झूला विहार जैसी नई व्यवस्थाएं इस आयोजन को अलग स्वरूप देंगी। रामनगरी में सावन झूलनोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में अभी से उत्साह है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी जल्द साझा किए जाने की उम्मीद है।

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