– चेतन विहार फेज-2 के ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट का मामला, सोसाइटी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
(मथुरा/वृंदावन)(ए.के.शर्मा)
वृन्दावन के चेतन विहार आवासीय योजना फेज-2 में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के विकास कार्य अधूरे छोड़ने और बंधक पड़ी भूमि पर निर्मित फ्लैट बेचने के आरोप में बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार वृंदावन के चेतन्य विहार आवासीय योजना फेज-2 के अंतर्गत ग्रुप हाउसिंग भूखंड संख्या जी-एच-1 एवं जी-एच-2 पर एक बड़ी आवासीय परियोजना का निर्माण कराया गया था। इस योजना का मानचित्र वर्ष 2011 में प्राधिकरण से स्वीकृत कराया गया था।

फ्लैट खरीदने वाले निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने अनुबंध की शर्तों के अनुसार सोसाइटी के भीतर आंतरिक विकास कार्य (जैसे सड़क, बिजली, पानी, ड्रेनेज) पूरे नहीं किए। जब निवासियों ने इसकी शिकायत प्राधिकरण से की, तो विभाग में खलबली मच गई।
शिकायत के बाद जब विकास प्राधिकरण की टीम ने मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण किया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बिल्डर ने न केवल आंतरिक विकास कार्य अधूरे छोड़े थे, बल्कि संशोधित स्वीकृत मानचित्र के नियमों का भी जमकर उल्लंघन किया था।
बिल्डर ने प्राधिकरण के पास बंधक रखे गए लगभग 620 वर्ग मीटर क्षेत्र में बने फ्लैटों को बिना बंधक मुक्त कराए ही अवैध रूप से ग्राहकों को बेच दिया। कानूनन इस क्षेत्र को बिना प्राधिकरण की अनुमति के बेचा नहीं जा सकता था।
इस गंभीर धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितता को देखते हुए प्राधिकरण के आदेश पर 22 जून 2026 को थाना कोतवाली वृंदावन में आरोपी बिल्डर आर.के. जैन के खिलाफ
एफ आई आर दर्ज कराई गई है।वही प्राधिकरण मे उपभोक्ताओं द्वारा किसी भी बिल्डर की शिकायत प्राप्त होने पर सचिव आशीष कुमार सिंह द्वारा तत्काल संज्ञान लेकर पहले जाँच कराने के उपरांत दोषी या लापरवाही सामने आने पर कार्यवाही अम्ल मे लाई जाती हैं।विकास प्राधिकरण के सचिव आशीष कुमार सिंह का कहना है कि इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे और भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, इस एफआईआर के बाद वृंदावन क्षेत्र के अन्य ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और फ्लैट खरीदारों में भी अपनी गाढ़ी कमाई के फंसने को लेकर चिंता का माहौल बन गया है।
