पीटीआई, बेंगलुरु। कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन के बाद हुए पहले बड़े चुनावी मुकाबले में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विधान परिषद (एमएलसी) की सात में से पांच सीटों पर जीत हासिल की।

वहीं, विपक्षी भाजपा को दो सीटों से संतोष करना पड़ा। चुनाव परिणामों में सबसे अधिक चर्चा क्रास-वोटिंग की रही, जिसने भाजपा और जनता दल (एस) दोनों को झटका दिया है।

विधानसभा सदस्यों द्वारा चुनी जाने वाली सात एमएलसी सीटों के लिए कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। गुरुवार को विधान सौधा में मतदान के बाद शाम को मतगणना हुई।

परिणामों के अनुसार कांग्रेस के उम्मीदवार थिप्पन्नप्पा कामकनूर, पी.वी. मोहन, बी.के. हरिप्रसाद, शिवन्ना बी.एस. और विनय कार्तिक प्रकाश विजयी रहे।

भाजपा के लिंगराज पाटिल और रघु आर ने जीत दर्ज की, जबकि जद(एस) के एकमात्र उम्मीदवार गोविंदराजू को हार का सामना करना पड़ा।

चुनाव नतीजों से यह भी संकेत मिला कि भाजपा और जद(एस) के कुछ विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। कांग्रेस को कुल 151 वोट प्राप्त हुए, जो उसकी अपेक्षित संख्या 140 से 11 अधिक हैं।

इस अतिरिक्त समर्थन ने विपक्षी दलों के भीतर असंतोष और गुटबाजी की अटकलों को बल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे संगठनात्मक एकजुटता और सरकार पर जनता के भरोसे का संकेत बताया है। दूसरी ओर, भाजपा के लिए यह परिणाम आंतरिक असंतोष और नेतृत्व से नाराजगी की ओर इशारा करता है।

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