मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए लोकल कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास से 45 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इन बसों से जेवर एयरपोर्ट तक सुविधा मिलेगी।
गौतमबुद्ध नगर के लिए इलेक्ट्रिक बसों के फ्लैग ऑफ एवं नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नए भारत के नए उत्तरप्रदेश में आपको परिवर्तन देखने को मिल रहा होगा। 2017 के पहले प्रदेश में टूटी सड़कें,अराजकता पूर्ण माहौल, सुरक्षा का कोई पुरसाहाल नही,प्रदेश में चारो ओर अराजकता के वातावरण में नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ था। तब निवेश की बात उत्तरप्रदेश के लिए एक दिवास्वप्न था। 2017 के बाद का उत्त रप्रदेश वर्ल्ड क्लास रोड कनेक्टिविटी, एयर कनेक्टिविटी के लिए जाना जाता है। आज उत्तर प्रदेश के 4 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क मौजूद है। यह परिवर्तन नौ वर्ष में डबल इंजन की सरकार ने किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या आये होंगे, लेकिन इसके बाद कभी अयोध्या वासियों को वायुसेवा प्राप्त नही हो पाई। राम नगरी अयोध्या तो हजारों वर्षों तक उपेक्षित थी। देश की आजादी के बाद भी लगातार अयोध्या अपमानित थी। आज अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि को समर्पित एयरपोर्ट संचालित हो रहा है।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 45 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इनमें से 11 इलेक्ट्रिक बस लखनऊ में और 34 बस नोएडा में चलेंगी। पहले चरण में कुल 30-35 बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। यूपीएसआरटीसी की 45 नई इलेक्ट्रिक बसें सार्वजनिक परिवहन को मजबूती देंगी। इनसे गौतमबुद्ध नगर में स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। सरकार का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है
नोएडा में इलेक्ट्रिक बस की सुविधा जेवर एयरपोर्ट तक मिलेगी। नोएडा के ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र में भी इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ किया गया। सरकार का प्रयास शोर और धुएं से राहत देने के साथ स्वच्छ परिवहन की ओर बढ़ने का है। नोएडा में इलेक्ट्रिक बस डिपो के शुभारंभ से परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और दयाशंकर सिंह भी मुख्यमंत्री के साथ थे।
