केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है। मुंबई में उनके 8 मंजिला बंगले के अवैध निर्माण को ढहाने पर रोक लगाने से शीर्ष न्यायालय ने इनकार कर दिया है। जुहू स्थित बंगले को गिराने से रोकने के लिए राणे ने पहले हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट ने अवैध निर्माण गिराने का आदेश दे दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली बल्कि तीन महीने के भीतर अवैध निर्माण गिराने का आदेश दे दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि अगर इस कार्रवाई पर रोक लगा दी जाती है तो अवैध निर्माण का बोलबाला हो जाएगा।
हाई कोर्ट ने लगाया था जुर्माना
बॉम्बे हाई कोर्ट ने राणे के बंगले को दो हफ्ते में ही ढहाने का आदेश दिया था। इसके अलावा उनपर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाई है इसलिए केंद्रीय मंत्री को जुर्माने की रकम भी चुकानी होगी। हाई कोर्ट ने कहा था कि इस निर्माण में कोस्टल रेग्युलेशन जोन और फ्लोर स्पेस इंडेक्स के नियमों का उल्लंघन किया गया है।
राणे की कंपनियों ने दी थीं अर्जियां
राणे की कंपनी नो बीएमसी को इस निर्माण को नियमित करने के लिए अर्जी दी थी लेकिन बीएमसी ने आवेदन को खारिज कर दिया था। इसके बाद राणे की कंपनी ने हाई कोर्ट का रुख किया। जब हाई कोर्ट ने अर्जी स्वीकार कर ली तो कंपनी ने फिर से बीएमसी के पास एक आवेदन भेजा। बीएमसी ने जवाब दिया कि जब मामला कोर्ट पहुंच गया है तो वह इस मामले में फैसला नहीं कर सकती। वहीं बाद में हाई कोर्ट ने राणे की कंपनी की अर्जी खारिज कर दी।

2022-09-26 15:55:09 https://wisdomindia.news/?p=6272
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