दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल इन दिनों गुजरात में हैं। निकाय चुनाव से पहले 4 दिन की यात्रा पर गुजरात पहुंचे केजरीवाल ने शुक्रवार को दाहोद में ‘विजय विश्वास सभा’ को संबोधित करते हुए दिल्ली के कथित शराब घोटाले में अदालत से मिली राहत का भी जिक्र किया। उन्होंने ट्रायल कोर्ट से आरोप मुक्त किए जाने पर कहा, ‘अदालत ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जैसा कट्टर ईमानदार कोई नहीं है इस दुनिया में।’
पंजाब में भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में उनकी पार्टी की सरकार आएगी तो किसानों के लिए काम करेंगे, महिलाओं को 1000-1000 रुपये दिए जाएंगे, बिजली मुफ्त की जाएगी और बच्चों को अच्छी शिक्षा-रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में भ्रष्टाचार खत्म करने से पैसा ही पैसा आ गया, वहां कोई कमी नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान ने अपनी पार्टी के एक विधायक को जेल में डाल दिया जिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। उन्होंने कहा कि यदि किसी सीएम को पता चल जाए कि उसका मंत्री पैसा खा रहा है तो वह भी अपना हिस्सा मांगने लगता है, लेकिन उनकी पार्टी में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमारा अपना रिश्तेदार, हमारा कोई सगा भी भ्रष्टाचार करेगा तो जेल जाएगा।’
अरविंद केजरीवाल ने अपनी पार्टी को सबसे ईमानदार बताते हुए अपने ऊपर लगे शराब घोटाले के आरोपों और अदालती फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘इन्होंने मेरे ऊपर आरोप लगाया। कहा केजरीवाल ने चोरी कर ली, केजरीवाल ने शराब घोटाला कर दिया, केजरीवाल 100 करोड़ खा गया। मनीष सिसोदिया 100 करोड़ खा गया। सीबीआई, ईडी ने इतने केस किए, हमारे घर पर दफ्तर पर रेड की। एक पैसा नहीं मिला। कहां गया 100 करोड़। कहीं तो रखा होगा। पैसा, कैश, बैंक में होगा, कुछ प्रॉपर्टी खरीदी होगी… कुछ नहीं मिला।’
पूर्व सीएम ने आगे कहा, ‘कुछ दिन पहले कोर्ट का फैसला आया। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल के खिलाफ पूरा मुकदमा झूठा है। यह मैं नहीं कह रहा, कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल जैसा कट्टर ईमानदार आदमी कोई नहीं है इस दुनिया में। कोर्ट ने कहा है कि आम आदमी पार्टी जैसी कट्टर ईमानदार पार्टी कोई नहीं है इस दुनिया में। कोर्ट ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी झूठ बोल रही है, झूठे आरोप लगाए गए। केजरीवाल को फंसाया गया। इन्होंने छह महीने तक मुझे जेल में रखा, मुख्यमंत्री को? अच्छी बात है? झूठे इल्जाम लगाकर… छह महीने तक मुख्यमंत्री को जेल में रखा, दिल्ली को तहस-नहस कर दिया।’
हालांकि, यहां साफ कर दें कि अदालत ने सबूतों का अभाव बताते हुए केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया और सीबीआई के खिलाफ भी सख्त टिप्पणियां की थीं, लेकिन किसी की ‘ईमानदारी या बेईमानी’ को लेकर टिप्पणी नहीं की थी। सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने पहली सुनवाई के दौरान सीबीआई पर की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी।
