26 मार्च 2026 को रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के लोकप्रिय ऑडिटोरियम में यूकोस्ट (UCOST) के सहयोग से “शैक्षणिक संस्थानों में बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमती संगीता नागर (पूर्व वैज्ञानिक ‘एफ’ एवं प्रमुख, आईपीआर डिवीजन, TIFAC, DST, भारत सरकार तथा वरिष्ठ वैज्ञानिक, SS Rana & Co.) उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने व्याख्यान में शैक्षणिक संस्थानों में बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार नवाचारों और शोध कार्यों को उचित आईपीआर तंत्र के माध्यम से संरक्षित किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों को आईपीआर के लिए आवेदन करने और उसके संरक्षण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी।

कार्यक्रम में कुलपति डॉ. हिमांशु ऐरन की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच आईपीआर के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

इस अवसर पर डॉ. संदीप ध्यानी, डॉ. प्रतिभा जुयाल नैथानी (कार्यक्रम समन्वयक), डॉ. पुष्पा ध्यानी, सुश्री वंशिका, सुश्री शिवानी लेखवार एवं सुश्री चारु पंवार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यशाला में प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी रही तथा अंत में एक इंटरैक्टिव सत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह कार्यशाला सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुई।

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