जनकारी के मुताबिक प्रवीण कुमार मूलरूप से लखीसराय जिले के मानिकपुर थानान्तर्गत कोनिपार गांव का निवासी है। संजीव मुखिया से पूछताछ में उसका नाम सामने आया था। पर वह पुलिस छापेमारी के बाद से ही फरार चल रहा था। बीपीएससी पेपर लीक के दौरान प्रवीण भी झारखंड के हजारीबाग में अभ्यर्थियों को प्रश्न का उत्तर रटवाने वालों में शामिल था।

आर्थिक अपराध इकाई के सूत्रों से जानकारी मिली है कि 2024 में आयोजित बीपीएससी टीआरई-3 परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक मामले में प्रवीण की बड़ी भूमिका थीथ संजीव मुखिया ने लीक कराया था और इसके बाद हजारीबाग के कोहिनूर होटल में अभ्यर्थियों को सभी सवालों का जवाब रटवाने का ऑपरेशन प्रवीण के जिम्मे था। डब्लू मुखिया पर आरोप है कि वह कई स्कॉर्पियो से करीब 30 शिक्षक अभ्यर्थियों को लेकर हजारीबाग पहुंचा था। हजारीबाग के कोहिनूर होटल में सबको ठहराकर पेपर के उत्तर याद कराए जा रहे थे। परीक्षा के एक दिन पूर्व जब पुलिस की छापेमारी हुई तो प्रवीण फरार हो गया। वह लखीसराय में छिपा हुआ था।

बीपीएससी टीआरई 3 शिक्षक परीक्षा पेपर लीक मामले में केस दर्ज करने के बाद जांच एजेंसी की ओर से अब तक सरगना संजीव मुखिया समेत 293 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र समर्पित किया चुका है। बचे हुए कांड के अभियुक्तों की गिरफ्तारी की कार्रवाई चल रही है। इसी क्रम में प्रवीण को पकड़ा गया है। आर्थिक अपराध इकाई ने संजीव मुखिया गिरोह के सक्रिय सदस्य प्रवीण कुमार सिंह उर्फ डब्लू मुखिया को ईओयू ने 22 मार्च को पटना के करबिगहिया से गिरफ्तार किया है। वह फरार होने के चक्कर में था पर खदेड़कर गिरफ्तार कर लिया गया।

बिहार में शिक्षकों की बहाली के लिए BPSC की ओर से शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया। तीसरे चरण के TRE 3 की परीक्षा 15 मार्च, 2024 को आयोजित की गई। इसमें परीक्षा का पर्चा लीक हो गया। पेपर लीक के आरोपों के कारण परीक्षा को बीपीएससी ने रद्द कर दिया। जांच में बड़े-बड़े खुलासे हुए। आर्थिक अपराध इकाई ने इस मामले जांच की कार्रवाई कर रही है। पेपर लीक गिरोह का सरगना संजीव मुखिया जेल में बंद है।

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