नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री पर सुगबुगाहट तेज है। जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का कहना है कि नीतीश के बाद बिहार का सीएम कौन होगा, इस पर एनडीए में कोई चर्चा ही नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि नए मुख्यमंत्री के नाम पर विचार-विमर्श अब 26 मार्च के बाद ही किया जाएगा। तब तक सीएम नीतीश कुमार वो काम करते रहेंगे, जो काम उनका सबसे पसंदीदा है।

दरअसल, नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के पांचवें चरण का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। बुधवार को जारी हुए शेड्युल के अनुसार, सीएम 23 मार्च को जहानाबाद और अरवल जिले का दौरा करेंगे। 24 को वे कैमूर और रोहतास में रहेंगे। 25 को भोजपुर एवं बक्सर और 26 मार्च को नालंदा एवं पटना जिले में उनका कार्यक्रम होगा। पटना में ही इस यात्रा का समापन कर दिया जाएगा।
पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा निकालने का ऐलान किया था। खरमास के बाद जनवरी में उन्होंने बेतिया से यात्रा की शुरुआत की। जनवरी में यात्रा के दो चरण पूरे हो गए थे। फिर फरवरी में बिहार विधानसभा का बजट सत्र होने ब्रेक लग गया।
बीते 5 मार्च को नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का ऐलान कर दिया। उसी दिन उन्होंने नामांकन भी किया। इसके बाद तय हो गया कि नीतीश बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़कर अब नई राजनीतिक पारी शुरू करेंगे। हालांकि, राज्यसभा नामांकन के बाद नीतीश तीसरे चरण की समृद्धि यात्रा पर निकल गए। उस दौरान कोसी और सीमांचल क्षेत्र का दौरा किया।
फिर 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव की वोटिंग हुई, जिसमें नीतीश चुनाव जीत गए। इसके बाद भागलपुर से समृद्धि यात्रा का चौथा चरण शुरू हुआ, जिसका शुक्रवार को औरंगाबाद में समापन हो गया। अब नीतीश सोमवार को पांचवें चरण की यात्रा पर निकलेंगे। यह आखिरी चरण होगा।
नीतीश कुमार 20 साल से ज्यादा समय बिहार की सत्ता का केंद्र हैं। अपने दो दशक के कार्यकाल में वे 15 से ज्यादा यात्राएं निकाल चुके हैं। नीतीश को जमीन से जुड़ा हुआ नेता माना जाता है। वह अक्सर अपनी सरकार की परियोजनाओं और कामकाज को खुद जमीनी स्तर पर देखते हैं। नीतीश के करीबी नेताओं कहना है कि यह काम उन्हें काफी पसंद है।
2025 में विधानसभा चुनाव से पहले भी नीतीश ने प्रगति यात्रा निकाली थी और सभी जिलों में करोड़ों के प्रोजेक्ट शुरू किए थे। जब एनडीए चुनाव जीत गया, तो सीएम दोबारा यात्रा पर निकले और प्रगति यात्रा में शुरू किए गए की समीक्षा कर रहे हैं।
नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने गुरुवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी यह तय नहीं है कि बिहार में कौन मुख्यमंत्री होगा। उन्होंने कहा कि अगला मुख्यमंत्री जदयू का होगा या भाजपा का यह भी तय नहीं है। झा ने बताया कि नीतीश अभी समृद्धि यात्रा निकाल रहे हैं। इसके बाद एनडीए का शीर्ष नेतृत्व मिलकर इस पर निर्णय लेगा। समय आने पर सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी का भी कहना है कि बिहार में नए सीएम पर अभी एनडीए में कोई चर्चा नहीं शुरू हुई है।
अब तक की चर्चाओं के अनुसार नीतीश कुमार अगले महीने मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे। 10 अप्रैल तक बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है और नया सीएम मिल सकता है। अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होने की संभावना ज्यादा है।
