उच्च शिक्षा एवं शोध को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल : कुलपति प्रोफेसर डॉ. हिमांशु ऐरन का सकारात्मक संदेश

देहरादून।

उच्च शिक्षा, शोध एवं अकादमिक उत्कृष्टता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून के राजनीति विज्ञान विभाग तथा चमन लाल महाविद्यालय (स्वायत्त), लंढौरा, हरिद्वार के राजनीति विज्ञान विभाग के मध्य एक सहयोग समझौता ज्ञापन संपन्न हुआ। यह महाविद्यालय श्री देव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्ध है।

यह समझौता ज्ञापन छात्रों एवं शिक्षकों के आदान-प्रदान, संकाय विकास कार्यक्रम, कौशल विकास, संयुक्त शोध, सेमिनार, कार्यशालाओं एवं अकादमिक प्रगति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को सशक्त बनाएगा। समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थानों की अकादमिक क्षमताओं का साझा उपयोग कर शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाना है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. हिमांशु ऐरन की गरिमामयी उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने समझौता ज्ञापन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के अकादमिक सहयोग से छात्रों और शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक अनुभव प्राप्त होंगे तथा शोध एवं नवाचार की संस्कृति को मजबूती मिलेगी। यह समझौता दोनों संस्थानों के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगा।

समझौता ज्ञापन के अंतर्गत स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध स्तर पर छात्र विनिमय, संयुक्त शोध परियोजनाएँ, सतत शिक्षा कार्यक्रम, सम्मेलन एवं अल्पकालिक पाठ्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समझौते की वैधता दो वर्षों की होगी, जिसे आपसी समीक्षा के पश्चात आगे बढ़ाया जा सकेगा।
समझौता ज्ञापन पर खालिद हसन, रजिस्ट्रार, रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय; डॉ. सुशील उपाध्याय, प्राचार्य, चमन लाल महाविद्यालय (स्वायत्त); डॉ. इमरान खान, विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान, रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय; तथा डॉ. निशु कुमार, सहायक प्राध्यापक, राजनीति विज्ञान, चमन लाल महाविद्यालय द्वारा हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता ज्ञापन संबंधित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक निकायों की स्वीकृति के अधीन प्रभावी होगा और दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक सहभागिता को एक नई दिशा प्रदान करेगा।

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