सुधीर सिन्हा,प्रयागराज।जनपद न्यायालय से प्राप्त सूचना के अनुसार महिला से जमीन के नाम पर ठगी करने वाले एक अभियुक्त की जहां न्यायालय ने जमानत अर्जी कोंखारिज कर दिया वहीं दूसरे फरार अभियुक्त की तलाश में पुलिस जुट गई है।मामला प्रयागराज के (साउथ मलाका) की रहने वाली सीमा आरिज,(55) पत्नी स्व0 अब्दुल आरिज़ से जुड़ा है जो अपने पति की पेन्सन और अपने पुत्र सुफियान खान पर पूरी तरह आश्रित है। सीमा अपने पति के इलाज में काफी कर्ज दार होने के कारण उक्त कर्ज की अदायगी और किसी दूसरी जगह आवासीय प्लाट या मकान की तलाश कर रही थी। इस बीच उनकी मुलाकात जमीन के दलाल मेराज आलम निवासी 39/36 गढ़ीकला थाना शाहगंज से हुई जिसने सीमा आरिज को किसी तरह अपने जाल में फंसा कर मौजा सदियापुर में 30000/रू प्रति वर्ग गज के हिसाब से 160 वर्ग गज का आवासीय प्लाट 48,00,000/रू0 में तय करते हुए उसने 11,40,000/रू0 नगद किस्तो में ले लिया और 15,60,000/रू0 जरिए चेक लिया और जमीन मालिक के रूप में इसरार अहमद पुत्र मंसूर अहमद निवासी न्यू मार्केट शिवाला बम्हरौली परगना व तहसील सदर थाना धूमनगंज, प्रयागराज, से सीमा की मुलाकात करवाई और उसे 21,00,000/रू0 जरिए चेक वादिनी़ से दिलाते हुए इसरार अहमद उपरोक्त से मौजा सादियापुर की आराजी नं0 175मि0 का जुज भाग 160 वर्ग गज का दिंनांकः-16.03.2020 को बैनामा करवा दिया। उक्त बैनामा को करवाने के लिए सीमा आरिज ने बैंक से 24,80,000/रू0 का लोन भी लिया था। कुछ दिनो के बाद जब सीमा आरिज अपने प्लाट में निर्माणकार्य करा रहीं थीं की प्लाट के निमार्ण के दौरान उस जमीन के मूल स्वामी द्वारा ये कहते हुवे की इसका स्वामी वो है और उसने निमार्ण कार्य रूकवा दिया ।ये जानकारी सामने आने के बाद की उसके साथ जालसाजी की गई है तब सीमा आरिज़ ने थाना करैली में उपरोक्त ठग मेराज आलम व इसरार अहमद के खिलाफ फर्जी दस्तावेज के आधार पर ठगी किये जाने व जानमाल की धमकी देने हेतु मुकदमा दर्ज करा दिया और एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया जबकि दूसरा फरार होने में कामयाब रहा।गिरफ्तारी के पश्चात जब मेराज आलम ने कोर्ट में अपने जमानत का प्रार्थना पत्र दाखिल किया तब मेराज आलम के गिराफ्तारी पर उसकी जमानत प्रार्थना पत्र का विधिक विरोध करते हुए वादिनी के विद्धवान अधिवक्ता जनाब नसीम अहमद सिद्दीकी ने न्यायालय को जानकारी देते हुवे बताया कि अभियुक्त मेराज आलम ने तथ्यों को छिपाकर जमानत प्रार्थना पत्र माननीय न्यायालय में दखिल किया है। अभियुक्तगणों ने प्लाट उपरोक्त के जीवित मालिक राजेश सिंह को मृतक दिखाकर उसकी जगह किसी लेबर विश्वनाथ को उसका एकलौता पुत्र रमेश बनाकर उक्त आराजी पर लेबर को रमेश पुत्र स्व0 राजेश सिंह का नाम वरासत में दर्ज करवा दिया फिर उस लेबर से उक्त प्लाट का अपने नाम बैनामा करवाकर खतौनी में अपना नाम भी चढवा लिया जिसके आधार पर लोगो को खतौनी में अपना नाम दिखाकर ठगी का कार्य करते है। वादिनी के विद्धवान अधिवक्ता नसीम अहमद सिद्दीकी ने इस संबंध में अपने तर्को का साक्ष्य भी माननीय न्यायालय में पेश किया। जिसके आधार पर माननीय न्यायालय ए0डी0जे0 कक्ष संख्या-13, इलाहाबाद ने मेराज आलम का जमानत प्रार्थन पत्र पर्र 20.08.2022 को सुनवाई के पश्चात निरस्त कर दिया।
2022-08-24 17:22:33 https://wisdomindia.news/?p=5185