नया साल आपके लिए अच्छी खबर लेकर आ रहा है। 1 जनवरी 2026 से संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम घट सकते हैं। रेलवे बोर्ड ने रिजर्वेशन चार्ट बनाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट 10-12 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। वहीं, पीएफआरडीए ने एनपीएस यानी राष्ट्रीय पेंशन योजना के निवेशकों को राहत देते हुए नियमों में बड़ा बदलाव किया है।

सीएनजी की कीमतों में दो से ढाई और पीएनजी के दाम करीब दो रुपये तक कटौती हो सकती है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने प्राकृतिक गैस के परिवहन शुल्क को सरल और तर्कसंगत बनाने का फैसला किया है।

अभी तक गैस परिवहन शुल्क को दूरी के हिसाब से तीन हिस्सों में बांटा हुआ था। अब इसे दो जोन में बांटा गया है। इससे पहले 200 किलोमीटर से 1200 किलोमीटर तक शुल्क 42 से लेकर 107 रुपये था। इसे घटाकर अब 54 कर दिया गया है। इस टैरिफ एकीकरण का लाभ देश में कार्यरत 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के अंतर्गत आने वाले 312 भौगोलिक क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को मिलेगा।

ट्रेनों में वेटिंग और आरएसी टिकट यात्रियों के लिए राहत की खबर है। दरअसल, रेलवे बोर्ड ने रिजर्वेशन चार्ट बनाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट 10-12 घंटे पहले तैयार किया जाएगा।

इस निर्णय से यात्रियों को पता चल जाएगा कि उनका टिकट कंफर्म हुआ है या नहीं। यह फैसला दूरदराज क्षेत्रों से रेलवे स्टेशन जाने से वाले यात्रियों के लिए सहूलियत भरा होगा। बता दें कि इससे पहले ट्रेन खुलने से चार घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट फाइनल होता था। इससे यात्रियों को बहुत परेशानी होती थी। नए नियम के तहत सुबह पांच बजे से दोपहर दो बजे की ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट एक दिन पहले रात आठ बजे तैयार हो जाएगा।

पीएफआरडीए ने एनपीएस यानी राष्ट्रीय पेंशन योजना के निवेशकों को राहत देते हुए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब गैर सरकारी एनपीएस खाताधारकों को एन्युटी यानी पेंशन प्लान में केवल बीस फीसदी राशि लगानी होगी। शेष अस्सी फीसदी रकम एकमुश्त या किश्तों में निकाली जा सकेगी। यही नहीं, आठ लाख रुपये तक की कुल राशि पर पूरी निकासी की अनुमति होगी।

पहले से जारी नियम के तहत गैर सरकारी एनपीएस निवेशकों को 60 फीसदी राशि निकासी की अनुमति और 40 फीसदी राशि पेंशन योजना में जमा करने की बाध्यता थी। पेंशन प्लान में 20 फीसदी रकम डालने की यह सुविधा उन लोगों को मिलेगी जिन्होंने कम से कम 15 साल एनपीएस में पूरे कर लिए हों। इसके अलावा 60 साल की उम्र पूरी करने या नौकरी से रिटायर होने पर भी यह नियम लागू होगा। बची हुई 80 फीसदी रकम निवेशक एकमुश्त या किश्तों में निकाल सकता है।

हालांकि सरकारी कर्मचारियों के मामले में नियम पहले जैसे ही हैं। 60 साल की उम्र पर अगर एनपीएस कोष पांच लाख रुपये से कम है, तो पूरी रकम एकमुश्त निकाली जा सकती है। अगर कोष पांच लाख रुपये से ज्यादा है, तो 40 प्रतिशत रकम से एन्युटी प्लान खरीदना जरूरी होगा और बाकी रकम निकाली जा सकेगी।

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