
दून मेडिकल कॉलेज के कैंसर जागरूकता शिविर में भी छात्रों ने बढ़-चढ़ कर निभाई सामाजिक ज़िम्मेदारी
देहरादून, 30 अक्तूबर 2025
ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ (ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह) के अंतर्गत रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून ने “वियर पिंक, वाक फॉर होप” (Wear Pink, Walk for Hope) थीम पर एक प्रेरणादायक वॉकथॉन का आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच के महत्व को रेखांकित करना और समाज में संवेदनशीलता का भाव जागृत करना था।

इसी क्रम में विश्वविद्यालय में “सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025” (Vigilance Awareness Week 2025) 27 अक्तूबर से 2 नवम्बर तक मनाया जा रहा है, जिसकी थीम है — “सतर्कता: हमारी साझा ज़िम्मेदारी” (Vigilance: Our Shared Responsibility) ।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. हिमांशु ऐरन ने हरी झंडी दिखाकर किया। उनके नेतृत्व में नर्सिंग, बीपीटी, योगिक साइंस और फार्मेसी के विद्यार्थियों ने 2.5 किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान छात्रों ने गांव कोटरा संतूर तक जागरूकता रैली निकाली और “जल्दी जांच, सुरक्षित जीवन” (Early Detection is Protection) तथा “अपनी जांच करें, अपने जीवन का मान करें” (Check Yourself, Respect Yourself) जैसे संदेशों के माध्यम से जनता को जागरूक किया।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान श्री विकास जोशी की सहभागिता ने इस अभियान में जनसहभागिता की भावना को और मजबूत किया। छात्रों ने गांव की महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण, बचाव और जांच प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी, जिससे यह कार्यक्रम सिर्फ एक वॉकथॉन नहीं बल्कि “जीवन बचाने का जनआंदोलन” बन गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन ने कहा—
“कैंसर के खिलाफ लड़ाई केवल चिकित्सा की नहीं, बल्कि जीवनशैली की भी है। यदि हम वीगन और करुणामय जीवनशैली अपनाएं तो हम न केवल अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि धरती और समस्त जीव-जगत के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं। यही सच्ची मानवता है — एक ऐसा जीवन जो दूसरों के लिए भी कल्याणकारी हो।”
उन्होंने आगे कहा कि रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय हमेशा ऐसे स्वास्थ्य और समाज-सेवी अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।

“हमारा विश्वविद्यालय विद्यार्थियों में न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता बल्कि सामाजिक ज़िम्मेदारी का भी भाव जगाता है। यही भाव हमें एक सशक्त, संवेदनशील और करुणामय भारत की ओर ले जाता है।”
इसी क्रम में 30 अक्तूबर को अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा दून मेडिकल कॉलेज, देहराखास, देहरादून में आयोजित कैंसर जागरूकता शिविर में भी विश्वविद्यालय के 25 छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस शिविर का उद्देश्य कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक जांच और सही जानकारी के माध्यम से लोगों को जीवनरक्षक उपायों से अवगत कराना था।
कुलपति प्रो. डॉ. ऐरन ने इस अवसर पर दून मेडिकल कॉलेज और अमर उजाला फाउंडेशन के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा—
“हम इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए दून मेडिकल कॉलेज का हार्दिक धन्यवाद करते हैं। रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय सदैव ऐसे जागरूकता अभियानों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेता रहेगा, ताकि समाज को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य मिल सके।”
ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस वॉकथॉन और कैंसर जागरूकता शिविर, दोनों ही आयोजनों ने यह सिद्ध किया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय ने इन अभियानों के माध्यम से यह संदेश दिया है कि “करुणा, जागरूकता और समय पर जांच — यही जीवन की सच्ची सुरक्षा है।”
