
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया अभिनव कार्यों के लिए सम्मानित — उत्तराखंड की उच्च शिक्षा में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर विश्वविद्यालय
देहरादून, 8 अक्टूबर 2025।
उत्तराखंड शासन के उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में दो दिवसीय “शिक्षा संवाद चिंतन शिविर” का शुभारंभ आज देहरादून में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के करकमलों से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन, सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग श्री रंजीत कुमार सिन्हा (IAS), एवं अतिरिक्त सचिव श्री मनुज गोयल (IAS) सहित अनेक गणमान्य अधिकारी, शिक्षाविद् और विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य “विकसित भारत और समृद्ध उत्तराखंड के लिए उच्च शिक्षा की पुनर्कल्पना” थीम के अनुरूप राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और प्रासंगिकता को सशक्त बनाना रहा।
इस अवसर पर रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून को राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए गए अभिनव, गुणवत्तापूर्ण और समाजोन्मुख कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
यह सम्मान माननीय उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन को स्मृति चिह्न प्रदान कर दिया गया।
यह गौरव विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षण–प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार तथा सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में किए गए सतत प्रयासों की मान्यता के रूप में प्राप्त हुआ है।
प्रो. डॉ. ऐरन ने इस सम्मान को विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक उपलब्धि बताया और कहा कि “यह सम्मान हमें और अधिक समर्पण एवं नवाचार के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।”
रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय ने हाल के वर्षों में नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल, इंडस्ट्री–अकादमिक सहयोग, और भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा प्रणाली में समाहित करने के अनेक प्रयास किए हैं।
इन पहलों ने विश्वविद्यालय को उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में ला खड़ा किया है।
मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन ने कहा कि “राज्य के विश्वविद्यालय यदि अनुसंधान और कौशल विकास को स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़ें, तो उत्तराखंड उच्च शिक्षा में देश का मॉडल बन सकता है।”
सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग श्री रंजीत कुमार सिन्हा (IAS) ने कहा कि “राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोग, शोध, गुणवत्ता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विश्वविद्यालयों को नीति और व्यवहार के बीच सेतु बनकर कार्य करना चाहिए।”
अतिरिक्त सचिव श्री मनुज गोयल (IAS) ने अपने संदेश में कहा कि “उच्च शिक्षा संस्थानों को नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बहुआयामी और व्यावहारिक शिक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।”
माननीय उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने मुख्य उद्बोधन में कहा कि “उत्तराखंड सरकार 2047 तक ‘विकसित उत्तराखंड’ के लक्ष्य की दिशा में उच्च शिक्षा को केंद्र में रखकर कार्य कर रही है। विश्वविद्यालयों को चाहिए कि वे अपने शिक्षा की नयी विधाओं और शोध के माध्यम से इस विजन को गति दें।”
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित शिक्षाविदों, कुलपतियों और विशेषज्ञों ने राज्य में उच्च शिक्षा को और अधिक सशक्त, प्रासंगिक एवं व्यवहारिक बनाने के लिए अपने विचार एवं सुझाव साझा किए।
