MCX पर आज मंगलवार, 9 सितंबर को गोल्ड के अक्टूबर फ्यूचर्स ने सुबह के कारोबार में ₹1,09,500 प्रति 10 ग्राम का नया ऑल-टाइम रिकॉर्ड बनाया। इस उछाल के पीछे स्पॉट मार्केट में मजबूत मांग, अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने और अगले हफ्ते अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरें घटाए जाने की उम्मीदें हैं।

दोपहर पौने एक बजे, MCX गोल्ड के अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट 0.55% की बढ़त के साथ ₹1,09110 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, MCX सिल्वर के दिसंबर फ्यूचर्स 0.18% की बढ़त के साथ ₹1,25,800 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए।

केडिया कमोडिटिज के प्रेसीडेंट अजय केडिया के मुताबिक सोने और चांदी में तेजी अभी थमने वाली नहीं है। इसके पीछे वजह है फेड का रेड कट का अनुमान, डॉलर की कमजोरी, जियो-पॉलिटिकल टेंशन, यूएस का जॉब डेटा, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, फेस्टिव सीजन। ईटीएफ के अंदर खरीदारी लगातार जारी है। इससे सोने में तेजी आ रही है।

केडिया बताते हैं, ” घरेलू मार्केट में पहले हम लोग 1.10 लाख रुपये का लेवल का अनुमान लगा रहे थे, लेकिन सोना इससे भी आगे निकल गया। यहां नई खरीदारी की गुंजाइश नहीं दिख रही। सोने में 1.10 लाख और चांदी में 1.30 लाख लेवल दिख रहा है। पिछले एक साल में सोने-चांदी में करीब 50 पर्सेंट का उछाल आ चुका है। ऐसे में सोने में खरदारी 1 लाख के करीब और चांदी में 1.05 लाख के आसपास करना चाहिए।”

इस महीने सोने की कीमतों में उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें हैं। फेड अधिकारियों के संकेतों के अलावा, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने भी इस सितंबर महीने में दरों में कटौती की उम्मीदों को मजबूत किया है।

गस्त महीने में अमेरिका में नौकरियों की वृद्धि दर कमजोर रही और बेरोजगारी दर बढ़कर 4.3% हो गई, जो लगभग चार साल का उच्चतम स्तर है। LPL फाइनेंशियल के मुख्य अर्थशास्त्री जेफरी रोच ने कहा कि व्यवसाय अब नौकरियां देने की रफ्तार धीमी कर रहे हैं।

ब सभी की नजर गुरुवार को आने वाले अमेरिकी महंगाई दर (CPI) के आंकड़ों पर टिकी है, जो फेड की मौद्रिक नीति की दिशा तय करने में मददगार होंगे।

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