नंद बाबा दुग्ध मिशन और मुख्यमंत्री गोसंवर्धन योजना के तहत सरकार ने नंदनी कृषक समृद्धि योजना व मिनी नंदनी कृषक समृद्धि योजना शुरू की है। जिसमें अच्छी नस्ल की गायों की एक डेयरी इकाई तैयार करना है। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में 35 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।लाभार्थी को 15 प्रतिशत को धनराशि लगाना होगा। साथ ही बैंक से 35 प्रतिशत ऋण मिलने की भी सुविधा है। नंदनी योजना बांदा में जबकि मिनी नंदनी योजना मंडल के सभी जिलों में संचालित की जानी है। मिनी नंदनी योजना में मंडल के चारों जिलों से लक्ष्य के सापेक्ष छह गुना आवेदन प्राप्त हुए हैं।

लिहाजा नियमानुसार योजना का लाभ देने के लिए अब ई-लाटरी के जरिए चयन किया जाएगा। फिलहाल आवेदनों को लखनऊ मुख्यालय प्रेरित किया गया है।

जल्द ही निर्देश मिलने पर ई-लाटरी निकाली जाएगी। मंडल के चारों जिलों में से बांदा में नंदनी कृषक समृद्ध योजना संचालित की जानी है। जबकि मिनी नंदनी कृषक समृद्धि योजना अब सभी जिलों में शुरू की गई है। नंदनी कृषक समृद्धि योजना में बांदा में डेयरी की पांच यूनिट तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित है। 

आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर थी, जिसमें लक्ष्य के सापेक्ष तीन गुना से ज्यादा 17 आवेदन विभाग को मिले हैं। इसमें 12 आवेदन सही पाए गये हैं। पांच आवेदन निरस्त कर दिये गये हैं। इसी प्रकार से मंडल के मिनी नंदनी कृषक समृद्ध योजना में बांदा में कुल 24 किसानों ने आवेदन किया है। 

इसी प्रकार से चित्रकूट में 10, हमीरपुर में 39 व महोबा में 15 आवेदन विभाग को मिले हैं। आवेदनों के जांच का काम चल रहा है। मिनी नंदनी के तहत मंडल में 15 यूनिट तैयार की जानी है। जिसमें बांदा में तीन व चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा में चार-चार यूनिट तैयार करने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष 88 आवेदन प्राप्त हुए है। 15 लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया ई-लाटरी के जरिए होगी। 

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना

दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 25 गायों वाली हाइटेक डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए योजना शुरू की है। इसमें इकाई शुरू करने में करीब 62 लाख 50 हजार रुपये का प्रोजेक्ट है। जिसमें से किसान को 15 प्रतिशत धनराशि लगानी होगी। इसके अलावा 35 प्रतिशत धनराशि का ऋण बैंक उपलब्ध करवाएगी। इसके अलावा शेष 50 प्रतिशत सरकार अनुदान देगी। इसमें 25 गायों को साहीवाल, थारपारकर, गिरी आदि देशी नस्ल की गायों को प्रदेश के बाहर से खरीद कर लाना होगा। इसमें करीब दो एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। 

बांदा में पांच डेयरी इकाई स्थापित करने का लक्ष्य है। अंतिम तिथि 30 नवबंर तक 17 आवेदन मिले हैं। जिसमेंं से 12 आवेदन सही पाए गये हैं। इनमें अब शासनादेश के बाद ई-लाटरी के जरिए लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। 

मिनी नंदनी कृषक समृद्धि योजना

मिनी नंदनी में प्रत्येक लाभार्थी को 10 गायों की डेयरी इकाई यूनिट तैयार करनी है। इसमें 23 लाख 60 हजार रुपये का प्रोजक्ट तैयार होता है। इसमें एक एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है। इसमें भी सरकार 50 प्रतिशत का अनुदान देती है। इस योजना के तहत मंडल से 88 आवेदन विभाग को मिल चुके हैं। जल्द ही ई-लाटरी के जरिए लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। 

गिर, थारपारकर व साहिवाल नस्ल की गायों से विकसित हाेगी डेयरी

नंदनी कृषक समृद्धि व मिनी नंदनी कृषक समृद्धि योजना के तहत डेयरी प्लांट में गिर, थारपारकर व साहिवाल गाएं होगी जो प्रदेश के बाहर से खरीद कर लानी होगी। इनमें गिर नस्ल की गाय एक दिन में करीब 12 से 20 लीटर दूध देती है। यदि अच्छी देखभाल की जाए तो 40 से 60 लीटर तक दूध दे सकती है। इसमें थार व साहिवाल भी 10 से 15 लीटर तक प्रतिदिन दूध देती है। अच्छी देखभाल पर यह भी 20 से 22 लीटर दूध दे सकती हैं।

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