देश के सबसे बड़े और दुनिया में पहचान रखने वाले भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) के उद्घाटन की तारीख अब बदल गई है। केंद्र सरकार के निर्देश पर भारत व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) ने मेले की शुरुआत 14 नवंबर के बजाय 13 नवंबर से करने का निर्णय लिया है।
इस वर्ष मेला 13 से 27 नवंबर तक चलेगा। इससे आगे भी मेले के आयोजन की यही तारीख रहने की संभावना है। ITPO भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन प्रमुख व्यापार संवर्धन संगठन है।
IITF के इतिहास में 14 नवंबर की तारीख का विशेष महत्व रहा है। 1979 में शुरू हुए इस मेले को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पहल पर 14 नवंबर यानी बाल दिवस से शुरू किया गया था।
इसके बाद से अधिकांश वर्षों में मेले का उद्घाटन इसी तारीख को होता रहा। बीच के कुछ वर्षों में आयोजन की अवधि अथवा कार्यक्रम में बदलाव जरूर हुए, लेकिन 14 नवंबर की उद्घाटन तारीख एक स्थापित परंपरा बनी रही।
पिछले वर्ष भी 44वां IITF 14 से 27 नवंबर तक आयोजित किया गया था। ITPO के आधिकारिक दस्तावेज में इसकी यही अवधि दर्ज है।
अब केंद्र के निर्देश पर इस परंपरा में बदलाव किया गया है। इस तरह पहली बार IITF का उद्घाटन नेहरू की जयंती के दिन नहीं होगा।
दिल्ली के इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी परिसर के नाम को लेकर भी पिछले वर्षों में बड़ा बदलाव हो चुका है। 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में प्रदर्शनी परिसर का नाम प्रगति मैदान रखा गया था।
ITPO के दस्तावेज के मुताबिक 1972 में आयोजित ‘एशिया-72’ के दौरान इस परिसर का नाम प्रगति मैदान किया गया था। बाद में केंद्र सरकार ने इसका नाम बदलकर भारत मंडपम कर दिया।
अब IITF की उद्घाटन तारीख में बदलाव को भी इसी बदली हुई पहचान और आयोजन की नई व्यवस्था के एक और महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर देखा जा रहा है।
इस वर्ष आयोजित होने वाले IITF की थीम ‘विकास और विरासत’ रखी गई है। इसके तहत मेले में देश की परंपरागत विरासत के साथ आधुनिक भारत की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति को प्रदर्शित किया जाएगा।
भारत मंडपम में होने वाला यह आयोजन देश-विदेश के कारोबारियों, उद्यमियों और खरीदारों के लिए प्रमुख व्यापार मंच के रूप में आयोजित किया जाता है। ITPO के अनुसार उसके आयोजनों में 100 से अधिक देशों के कारोबारी और प्रतिनिधि जुड़ते हैं।
