राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम‘ के सभी छह अंतरे गाने को लेकर इंडिया गठबंधन में शामिल दो दलों- नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के बीच विवाद हो गया है।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने बुधवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस से कहा कि राष्ट्रगीत के केवल पहले दो अंतरे गाने के मामले में वह इंडिया गठबंधन के साथ खड़े हो।
श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह अंतरे गाए गए।
वेणुगोपाल ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, “वंदे मातरम का पूरा संस्करण उस मिली-जुली और विविधतापूर्ण सोच के साथ मेल नहीं खाता, जिसकी कल्पना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत के लिए की थी और जिसे उन्होंने आगे बढ़ाया था।” वेणुगोपाल ने फिल्म फेस्टिवल में गाए जा रहे गीत का एक वीडियो भी शेयर किया।
कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने आगे कहा, “हमारे लिए महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, आचार्य नरेंद्र देव, मौलाना आजाद, सरोजिनी नायडू और जे.बी. कृपलानी का सोच-समझकर लिया गया फैसला और इसमें काफी हद तक गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह भी शामिल थी, सबसे अहम है।”
वेणुगोपाल ने कहा, “उस वर्जन (शुरुआती दो पद) को सोच-समझकर चुना गया था ताकि गीत को सांप्रदायिक रंग न दिया जा सके, यह खतरा आज भी उतना ही है जितना तब था। इसे बनाए रखने का मतलब है हमारे गणतंत्र के धर्मनिरपेक्ष और समावेशी स्वरूप को बनाए रखना।”
