तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने मंगलवार को सत्ताधारी TVK सरकार पर एक और फिल्मी तंज कसा।
थेनी सब जेल से 17 कैदियों के भागने की घटना को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पर निशाना साधते हुए ‘प्रिजन ब्रेक’ का जिक्र किया। इससे पहले उन्होंने ‘ब्रेकिंग बैड’का हवाला देकर भी सरकार पर तंज कसा था।
DMK प्रमुख का यह बयान तब आया है जब सोमवार देर रात तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कम्पट्टी सब-जेल से 17 विचाराधीन कैदी फरार हो गए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने TVK सरकार पर हमला बोलते हुए प्रशासन पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने विजय की सरकार पर निशाना साधते हुए स्टालिन ने टीवी सीरीज प्रिजन ब्रेक का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में कुछ वैसी ही स्थिति दिख रही है, जैसी इससे पहले पुझल जेल से दो कैदियों के भागने के समय देखी गई थी।
स्टालिन ने कहा कि 17 कैदियों का भागना बेहद चिंताजनक है, और बताया कि 1995 के बाद से शायद यह इस तरह की पहली घटना है।
स्टालिन ने कहा कि यह घटना पुझल जेल से दो कैदियों के भागने के कुछ समय बाद ही हुई है, जिससे जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं।
सरकार पर सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन जमानत पर छूटे अपराधियों पर नजर रखने में नाकाम रहा है, और अब जेलों के अंदर से कैदियों के भागने को रोकने में भी संघर्ष कर रहा है।
उन्होंने कहा,’बाहर अपराधी बेखौफ होकर अपराध कर रहे हैं, और जेल के अंदर कैदी बिना किसी डर के भाग रहे हैं।’
स्टालिन ने आगे आरोप लगाया कि TVK सरकार तमिलनाडु के लोगों की सुरक्षा करने में असमर्थ है। उन्होंने इसे ‘पूरी तरह से बेकार और नकारा प्रशासन’ करार दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य अब ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां लोग अपनी सुरक्षा के लिए खुद पर निर्भर हो गए हैं। उन्होंने सुरक्षा में हुई इस चूक के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।
यह पहली बार नहीं है जब स्टालिन ने विजय की सरकार पर निशाना साधने के लिए किसी फिल्म या सीरीज का जिक्र किया हो। कुछ दिन पहले ही, राज्य में करोड़ों रुपये की मेथामफेटामाइन (नशीला पदार्थ) पकड़े जाने के बाद उन्होंने ‘ब्रेकिंग बैड’ का हवाला दिया था।
यह राजनीतिक हमला TVK के नागपट्टिनम जिला पदाधिकारी और पार्टी के किलवेलुर चुनाव प्रभारी भूपालन की, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) द्वारा गिरफ्तारी के बाद हुआ।
उन्हें कथित तौर पर 135 किलोग्राम मेथामफेटामाइन (नशीला पदार्थ) छिपाकर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसकी कीमत कई करोड़ रुपये बताई जा रही है।
शुरुआती जांच के मुताबिक विचाराधीन 17 कैदियों ने कथित तौर पर मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक किया, ताकि जेल कर्मचारी उनका सेल खोल दें। इसके बाद उन्होंने गार्डों पर हमला किया और जेल परिसर से भाग निकले।
यह घटना सोमवार देर रात थेनी जिले की थेक्कम्पट्टी उप-जेल में हुई। फरार हुए कैदियों में से चार को फिर से पकड़ लिया गया है, जबकि 13 अभी भी फरार हैं।
इस घटना में जेल के तीन कर्मचारी घायल हो गए। ग्रेड-II पुलिस कांस्टेबल थंगापांडी के सिर में गंभीर चोटें आईं जिसके बाद उन्हें जी विलाक्कु के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। दो अन्य कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं।



