क्या है कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, जानें कैसे करें आवेदन?
किसानों और उनके परिवारों के लिए मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना बड़ी मदद साबित हो सकती है. इसके तहत खेती के दौरान हादसे में किसान की मौत या दिव्यांगता होने पर 5 लाख तक की सहायता मिल सकती है.

Krishak Durghatna Kalyan Yojana: खेती-किसानी का काम जितना मेहनत भरा है, उतना ही जोखिम भी रहता है. कभी खेत में काम करते समय सांप काट लेता है, तो कभी बिजली गिरने या मशीन से चोट लगने का खतरा रहता है. ऐसे हादसों में अगर किसान की जान चली जाए या वह काम करने लायक न बचे, तो पूरे परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है.
इसी परेशानी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना चला रही है. इसके तहत हादसे में किसान की मौत या दिव्यांगता होने पर पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाती है.
क्या है मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना?
उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2020 में इस योजना की शुरुआत की थी. इसका मकसद हादसे का शिकार होने वाले किसानों और उनके परिवारों को आर्थिक सहारा देना है. योजना में खेत के मालिक किसानों के साथ बटाई पर खेती करने वाले और पट्टे की जमीन पर खेती करने वाले पात्र किसानों को भी शामिल किया गया है.
किन किसानों को मिलेगा फायदा?
इस योजना का फायदा उत्तर प्रदेश के 18 से 70 साल की उम्र के पात्र किसानों को मिल सकता है. इसमें खतौनी में दर्ज जमीन के मालिक, सह-खातेदार और खेती से परिवार चलाने वाले सदस्य शामिल हैं. इसके अलावा बटाईदार और पट्टे पर खेती करने वाले किसान भी तय शर्तों के तहत लाभ ले सकते हैं.

यह भी पढ़ें: PM Kisan: 30 अक्टूबर को आएगी 24वीं किस्त! क्या आपको मिलेंगे ₹2000?
कितनी मिलेगी आर्थिक मदद?
योजना के तहत दुर्घटना में किसान की मौत होने पर उसके पात्र परिवार को 5 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है. वहीं, हादसे में दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखें खोने जैसी गंभीर स्थायी दिव्यांगता होने पर भी 5 लाख रुपये तक सहायता का प्रावधान है. आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में नुकसान की गंभीरता और निर्धारित श्रेणी के हिसाब से 1.25 लाख से 2.5 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है.
किन हादसों में मिलेगा लाभ?
खेत में काम करते समय सांप काटने, बिजली गिरने, जानवर के हमले, कृषि मशीन से चोट लगने, पानी में डूबने या पेड़ से गिरने जैसी दुर्घटनाएं योजना के दायरे में आ सकती हैं. हालांकि, हर मामले में घटना और पात्रता की जांच की जाती है.
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी या खेती से जुड़े दस्तावेज देने होंगे. मौत के मामले में जरूरत के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस के कागजात मांगे जा सकते हैं. वहीं, दिव्यांगता होने पर संबंधित अधिकारी का प्रमाणपत्र जरूरी होगा.
कैसे करें आवेदन?
- किसान या उनके परिजन राजस्व विभाग के संबंधित पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
- इसके अलावा लेखपाल या तहसील कार्यालय से भी मदद ली जा सकती है.
- आमतौर पर दुर्घटना के 45 दिनों के भीतर आवेदन करना जरूरी होता है.
- जांच और मंजूरी के बाद सहायता राशि पात्र व्यक्ति के बैंक खाते में भेजी जाती है.



