दोस्तों आज बात करते हैं अर्ध कुंभ मेला 2027 के पीआइओ द्वारा किए जा रहे स्थाई कार्यों के बारे में। इन सभी कार्यों की सूची आपके अवलोकनार्थ प्रेषित हैं। इन सभी कार्यों की डेडलाइन वर्ष फरवरी 2027 की है, लेकिन अटल बिहारी वाजपेई राजकीय अतिथि गृह जिसे आप लोगों ने अक्सर आते जाते देखा होगा फायर स्टेशन के पास ही है। इसकी कहानी बड़ी विचित्र है वर्ष 2016 के अर्ध कुंभ में इसके निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हुई 2017 में इसका निर्माण पूरा हुआ जिसकी लागत लगभग 17 करोड रुपए की बताई गई थी इसमें 24 कमरे हैं। जब से इसका निर्माण हुआ है, घटिया निर्माण की वजह से हमेशा विवादों में रहा है वर्ष 2020 में जब इसका इंस्पेक्शन हुआ तब इसमें बेहद खामियां पाई गई छत टपक रही थी फॉल सीलिंग गिर रही थी सेंट्रली एसी काम नहीं कर रहा था, बाथरूम की टाइल बेहद घटिया थी फर्नीचर की पॉलिश घटिया थी और सबसे बड़ी कमी रोड से इस भवन तक जाने के लिए बने हुए रैंप मानक के अनुसार नहीं थे जिस कारण गाड़ियों के आने-जाने में बड़ी दिक्कत होती थी घटिया काम की वजह से ठेकेदारों पर पेनल्टी भी लगाई गई और वर्ष 2021 में पुनः इसमें पैसा लगा परंतु वही ढाक के तीन पात।

वर्ष 2027 के अर्ध कुंभ मेला हेतु पुनः इसका इंस्पेक्शन हुआ और पाया गया की खामियां ज्यों कि त्यों है, एक बार फिर इसके रिपेयरिंग का बजट बना है लगभग 3.50 करोड रुपए का और इस कार्य को करने की डेडलाइन मई 2027 है, मतलब कुंभ मेला समाप्त होने के बाद यह अतिथि भवन तैयार होगा अर्थात इसमें कोई भी वीआईपी नहीं ठहरेगा, वीआईपी कहां ठहरेगा? पीलीभीत हाउस, भागीरथी होटल, लेमन ट्री, हयात जैसे 5 सितारा होटलों में उन सब का बिल अलग बनेगा, गेस्ट हाउस में पैसा लगेगा लेकिन वहां कोई ठहरेगा नहीं। वाह रे मेरे सूबे के धाकड़ कर्णधारों , सचमुच भव्य और दिव्य कुंभ मेला 2027 मना रहे हो। दोस्तों जरा लिस्ट पर भी गौर कर लो ,एक डबल बेड लगभग 43000 का, गद्दा लगभग 23000 रुपए का, पूरी लिस्ट पढ़िए, आपको आनंद के अनुभूति होगी, 24 कमरों के डबल बेड, अलमारी कुर्सी और टेबल इन सब की पॉलिशिंग पर लगभग 22 लाख रुपए खर्च आएगा। आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की आत्मा भी अपने चेलों के इन कृत्यों से बेहद आनंदित हो रही होगी।




