यूपी विधान परिषद चुनाव में 55.24 फीसदी वोटिंग, 27 अक्टूबर को आएगा फैसला

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को 55.24 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान के अनुसार, मतदान सुबह आठ बजे से शुरू हुआ और शाम चार बजे तक चला। इन 11 सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी हैं जबकि छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद हैं। ये निर्वाचन क्षेत्र राज्य के सभी 75 जिलों में फैले हुए हैं। इस चुनाव में केवल पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता ही मतदान कर सकते हैं।

चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी और सपा के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक 79.01 प्रतिशत मतदान हुआ।

इसके बाद बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 73.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 68.21 प्रतिशत, आगरा में 63.84 प्रतिशत, मेरठ में 60.80 प्रतिशत और लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 50.92 प्रतिशत मतदान हुआ।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा में सबसे अधिक 51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 41.40 प्रतिशत, वाराणसी में 41.01 प्रतिशत, मेरठ में 39.81 प्रतिशत और लखनऊ में 38.02 प्रतिशत मतदान हुआ। ये चुनाव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे हैं और इन्हें दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल माना जा रहा है। चुनाव प्रचार बृहस्पतिवार शाम समाप्त हो गया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्नाव, कानपुर और कानपुर देहात को छोड़कर राज्य के बाकी 72 जिलों में मतदान हुआ। लखनऊ में मतदान के लिए 259 केंद्र बनाए गए थे, जहां एक लाख 16 हजार 491 पंजीकृत मतदाता वोट डालने के पात्र थे। इन चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया।

गोरखपुर में डीएवी डिग्री कॉलेज में भाजपा और सपा के कार्यकर्ता भिड़ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सपा उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी की मौजूदगी में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। जालौन जिले में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने उरई स्थित जिला परिषद कार्यालय के मतदान केंद्र संख्या 217 पर इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने दावा किया कि भाजपा सभी 11 सीट पर जीत हासिल करेगी।

मतदान के दौरान लखनऊ, बलिया और सीतापुर में कई जगहों पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी के अन्य नेताओं को निशाना बनाने वाले होर्डिंग लगाए गए। कुछ पोस्टर में अखिलेश यादव को टोपी पहने हुए, मारे गए गैंगस्टर अतीक अहमद और जेल में बंद सपा नेता आजम खान के साथ दिखाया गया था। सपा कार्यकर्ताओं ने कुछ होर्डिंग फाड़ दिए और भाजपा पर आरोप लगाया कि वह मतदान के दिन मतदाताओं को प्रभावित करने तथा तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है।

पुलिस ने बताया कि बलिया में होर्डिंग लगाने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है और मामले की जांच की जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को फतेहपुर जिले में विधान परिषद चुनाव के दौरान मतदान केंद्र के बाहर भाजपा और सपा से जुड़े उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई।

बिहार में भी विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान हुआ। चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 43.87 प्रतिशत जबकि चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 74.55 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोसी में सर्वाधिक 52.51 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद तिरहुत में 42.15 प्रतिशत, दरभंगा में 42 प्रतिशत और पटना में 36.19 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सारण में सर्वाधिक 87.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद दरभंगा में 79 प्रतिशत, तिरहुत में 78.10 प्रतिशत और पटना में 56.89 प्रतिशत मतदान हुआ। अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान के पूरी तरह आंकड़े तैयार किए जाने के बाद वोट के प्रतिशत में बदलाव हो सकता है। इन चुनावों में कुल 150 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के 60 उम्मीदवार शामिल हैं।

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) में गुटबाजी सामने आने के कारण विशेष रूप से चर्चा में रहा। मोकामा के विधायक अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं।

पूर्व मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले नीरज कुमार इस सीट से लगातार चौथी बार जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अनंत सिंह ने आरोप लगाया है कि नीरज कुमार ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ काम किया था। इसी कारण वह जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं।उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच खींचतान और तेज हो गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों पार्टियां अपनी-अपनी मांगों पर अड़ी हुई हैं।

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