सीबीआई ने अपने हाथों में ली परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच, ये हैं दायरे में
पंजाब के मानसा में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली है. एजेंसी ने मानसा पुलिस से मामले की फाइल लेकर जांच शुरू कर दी है.
पंजाब के मानसा में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले ली है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आश्वासन के बाद CBI की टीम मानसा पहुंची और पंजाब पुलिस से मामले से जुड़े दस्तावेज और जांच की फाइल अपने कब्जे में ले ली.
एजेंसी अब हत्या की साजिश, प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की केमिस्ट की दुकानों पर खुलेआम बिक्री और इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों या कर्मचारियों की संभावित भूमिका की जांच करेगी. CBI मुख्य आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार और अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग भी कर सकती है. इस हत्याकांड में नशे के कारोबार से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब अब केंद्रीय एजेंसी की जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है.
अमित शाह ने परिवार को दिया था जांच का भरोसा
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच CBI से कराने का ऐलान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया था. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झोटा के परिवार से मुलाकात की और मामले की जांच को लेकर भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा था कि CBI 120 दिन के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
इसके बाद CBI की टीम मानसा पहुंची और स्थानीय पुलिस से मामले की फाइल अपने हाथ में ले ली. एजेंसी ने जांच शुरू कर दी है. हालांकि, CBI के अधिकारियों ने इस मामले में कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.
हत्या की साजिश और नशे के कारोबार की होगी जांच
CBI इस बात की पड़ताल करेगी कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या के पीछे क्या साजिश थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. जांच के दायरे में मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका भी रहेगी.
एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि प्रतिबंधित मन:प्रभावी पदार्थों की केमिस्ट की दुकानों पर कथित तौर पर खुलेआम बिक्री कैसे हो रही थी और इस कारोबार को किसी तरह का संरक्षण तो नहीं मिल रहा था. मामले में किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता की आशंका की भी जांच की जाएगी.
CBI पंजाब पुलिस से मिले दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी. जरूरत पड़ने पर एजेंसी मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार और अन्य संबंधित लोगों की हिरासत लेकर पूछताछ करने की मांग कर सकती है.
13 अक्टूबर को बाजार में दिनदहाड़े मारी गई थी गोली
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को पंजाब के मानसा जिले के एक व्यस्त बाजार में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वह नशे की समस्या और मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे.
घटना के सामने आए एक वीडियो में झोटा और एक मेडिकल स्टोर के मालिक के बीच दुकान के अंदर बहस होती दिखाई देती है. बहस कथित तौर पर नशीली दवाओं की तस्करी को लेकर हुई थी. वीडियो में झोटा पुलिस को बुलाने की बात कहते सुनाई देते हैं. दुकानदार के पास एक पिस्तौल भी दिखाई देती है. वीडियो में झोटा उसे पिस्तौल चलाने की चुनौती देते हुए भी सुनाई देते हैं.
कुछ समय बाद गोली चलने की आवाज आती है और झोटा घायल हो जाते हैं. इसके बाद वह मेडिकल स्टोर से बाहर निकलकर पास की दूसरी दुकान में छिप जाते हैं.
दूसरे वीडियो में भी सुनाई दी गोली चलने की आवाज
घटना से जुड़े एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति हाथ में पिस्तौल लेकर बाजार के पिछले हिस्से की ओर जाता दिखाई देता है. इस दौरान गोली चलने की एक और आवाज सुनाई देती है. इसके बाद वह व्यक्ति पिस्तौल लेकर वापस दुकान के अंदर चला जाता है.
गोली लगने के बाद झोटा को घायल अवस्था में मानसा के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इन वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच के जरिए वारदात की पूरी कड़ी समझने की कोशिश की जाएगी.
कबड्डी खिलाड़ी भी रह चुके थे झोटा
परविंदर सिंह झोटा दक्षिणी पंजाब के मानसा शहर के रहने वाले थे और पहले फ्रीस्टाइल कबड्डी खिलाड़ी रह चुके थे. कुछ साल पहले एंटी-ड्रग टास्क फोर्स के गठन के बाद वह चर्चा में आए थे.
उन्होंने अपना संगठन बनाया था और कथित तौर पर नशे का कारोबार करने वाले लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले करते थे. नशे के खिलाफ उनकी सक्रियता के कारण उनकी हत्या का मामला स्थानीय स्तर पर गंभीर मुद्दा बन गया.
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