CJP प्रोटेस्ट पर मुरली मनोहर जोशी का चौंकाने वाला बयान, ‘श्रीराम से सीख मिली है कि मर्यादा…’
मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि अगर गर्मी ज्यादा हो जाए तो वह बेकार है और ज्यादा बारिश हो जाए तो वह भी दुखदायी है. अगर नदी अपनी मर्यादा को छोड़ दे तो बाढ़ आ जाती है, इसलिए सभी को मर्यादा में रहना चाहिए. 
BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने रविवार (11 अक्टूबर, 2026) को किसी भी विषय को लेकर मर्यादा का पालन करने की बात कही है. उन्होंने भगवान श्रीराम के चरित्र का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीराम के चरित्र से हमें जो सबसे महत्वपूर्ण सीख मिलती है, वह मर्यादा को बनाए रखने का महत्व है, कि हमें मर्यादा का पालन करना चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘मर्यादा का मतलब उचित आचरण और सीमाओं का सम्मान करना है. हमारे देश में भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में पूजा जाता है. यानी एक ऐसा आदर्श पुरुष जो धर्म और मर्यादा का पालन करते हैं.’
हमारे देश की दुनिया को दी गई सबसे बड़ी सीख मर्यादा में रहना है- जोशी
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, ‘व्यक्ति को अपनी मर्यादाओं में रहकर ही जीवन जीना चाहिए और हम काम को पूरे सम्मान और मर्यादा के साथ करना चाहिए. भगवान श्रीराम ने यह दिखाया है कि मर्यादा के इन सिद्धांतों का पालन हर परिस्थिति में किया जाना चाहिए. हमारे देश की दुनिया को दी गई यही सबसे बड़ी शिक्षा और सीख है कि इंसान को अपनी मर्यादाओं में रहना चाहिए.’
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ‘अगर पृथ्वी अपनी प्राकृतिक मर्यादा में रहती है तो वह सुखी और समृद्ध बनी रहती है, पर्यावरण मर्यादा में रहता है तो वह भी सबको सुख देता है. अगर गर्मी ज्यादा हो जाए तो वह बेकार है और ज्यादा बारिश हो जाए तो वह भी दुखदायी है. अगर नदी अपनी मर्यादा को छोड़ दे तो बाढ़ आ जाती है, इसलिए मर्यादा और मर्यादा का जीवन की ही सबसे बड़ी शिक्षा हमें श्रीराम के चरित्र से मिलती है.’
युवाओं के विरोध प्रदर्शन पर क्या बोले वरिष्ठ BJP नेता?
इस दौरान जब उनसे हाल ही में युवाओं के सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने और सरकार की गतिविधियों को लेकर सवाल किया गया, तब वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, ‘मैं तो सिर्फ यही कहता हूं कि जो कुछ भी हो, वो एक मर्यादा में होनी चाहिए. जो भी करना है वो भी मर्यादा के अंदर होनी चाहिए और सबको मर्यादा के अंदर ही रहना चाहिए.’
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