
ई-रिक्शा और पैदल श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग मार्ग, अटल्ला पर 800 मीटर पुल से जाम का अंत,विकास प्राधिकरण ने दी मंजूरी
ए.के.शर्मा
वृंदावन (मथुरा)। “राधे-राधे” के जयकारों से गूंजने वाले वृंदावन की पावन भूमि पर अब आस्था के साथ आधुनिकता का संगम होगा। ठाकुर श्री बांकेबिहारी जी की नगरी के परिक्रमा मार्ग को देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सुगम, सुरक्षित और दिव्य बनाने की महत्वाकांक्षी योजना को मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने हरी झंडी दे दी है।
प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बांकेबिहारी जी के दर्शन के साथ परिक्रमा करते हैं। अभी वाहनों, ई-रिक्शा और पैदल यात्रियों के एक साथ चलने से अव्यवस्था और जाम की स्थिति बन जाती है। नई योजना में ई-रिक्शा, वाहन और पैदल परिक्रमा करने वालों के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए जाएंगे। साथ ही पैदल मार्ग, सुविधा क्षेत्र, सीमेंट-कंक्रीट से ढकी नाली और बिजली-संचार लाइनों को भूमिगत किया जाएगा, ताकि मार्ग की दिव्यता और सौंदर्य दोनों बढ़े। योजना के प्रथम चरण में रमणरेती से निधिवन तक करीब 3.30 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इस पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अब श्रद्धालु बिना किसी बाधा के प्रेम और भक्ति के साथ परिक्रमा कर सकेंगे। द्वितीय चरण में अटल्ला चुंगी चौराहे पर करीब 800 मीटर लंबा ऊपरी पुल बनाया जाएगा। इस पर लगभग 80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह चौराहा परिक्रमा मार्ग का प्रमुख द्वार है जहां हर समय जाम लगता है। पुल बनने से वाहन और श्रद्धालु दोनों को निर्बाध आवागमन मिलेगा। प्राधिकरण का संकल्प है कि इस योजना के पूरा होने के बाद वृंदावन परिक्रमा मार्ग न केवल अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगा, बल्कि देश-विदेश के भक्तों को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ ठाकुर जी की परिक्रमा का दिव्य अनुभव भी प्राप्त होगा।
मथुरा जन्मभूमि को भी मिलेगी सौगात
प्राधिकरण ने मथुरा में भी दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। जिसमें लगभग 350 करोड़ की लागत में मछली फाटक से श्रीकृष्ण जन्मभूमि गेट-3 तक 3.50 किमी लंबी ऊपर उठी हुई सड़क और लगभग 70 करोड़ की लागत में मसानी कट से महाविद्या कॉलोनी तक 1050 मीटर जोड़ने वाला मार्ग, पार्किंग और जनसुविधाएं शामिल है।
