उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पीएम पोषण योजना को और बेहतर बनाने के लिए मंगलवार को कई फैसले लिए। यूपी के स्कूलों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) तैयार करने वाले रसोइयों को बड़ा तोहफा दिया है। अब इनकी रिटायरमेंट 62 साल की आयु में होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई मध्याह्न भोजन प्राधिकरण प्रबंधकारिणी की बैठक में मानदेय में बढ़ोतरी, प्रतिनियुक्ति से जुड़े भी कई फैसले लिए गए हैं। फैसला लिया गया कि रसोइये, शिक्षकों की तरह शैक्षिक सत्र की समाप्ति तक काम करते रहेंगे और अगले सत्र के प्रारंभ से पहले नए रसोइयों का चयन कर लिया जाएगा।
इसके अलावा मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के तहत कार्यरत सिस्टम एनालिस्ट, मंडल और जिला समन्वयक के साथ ही कंप्यूटर ऑपरेटरों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इन कर्मचारियों के मानदेय में वर्ष 2016 के बाद पहली बार वृद्धि की गई है।
सिस्टम एनालिस्ट, समन्वयक और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य संविदा कार्मिकों के कार्य करने की अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के कार्यालय में सहायक निदेशक के चार पदों पर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, अन्य राज्यों और केंद्र के साथ राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में एमडीएम में बच्चों को प्रत्येक शुक्रवार सूजी का हलवा दिए जाने का भी निर्णय किया गया। विद्यार्थियों के पोषण स्तर को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से बैठक में पीएम पोषण योजना में सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों को सप्ताह में एक दिन सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
इसके तहत अक्तूबर 2026 से जनवरी 2027 तक प्रत्येक शुक्रवार (कुल 14 विद्यालय दिवस) सभी विद्यार्थियों को सूजी का हलवा दिया जाएगा। इनमें 7 दिन मीठा और 7 दिन नमकीन हलवा परोसा जाएगा। हलवा तैयार करने के लिए रसोइयों को प्रति छात्र प्रति कार्य दिवस 2 रुपये का अतिरिक्त पारिश्रमिक भी प्रदान किया जाएगा।
वहीं, उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत गठित अप्रेजल समिति की बैठक में खाद्य प्रसंस्करण के आठ नए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। अप्रेजल समिति की मंजूरी के बाद अब इन प्रस्तावों को राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहां से मंजूरी के बाद नए उद्योग की स्थापना का रास्ता साफ हो जाएगा।
उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा की अध्यक्षता में गठित अप्रेजल समिति की बैठक में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 15.08 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश राशि वाले आठ नए निवेश प्रस्तावों पर विचार किया गया। तकनीकी और वित्तीय परीक्षण के बाद सभी प्रस्तावों को इम्पावर्ड कमेटी के सामने प्रस्तुत किए जाने की सिफारिश की गई है।
बैठक में जिन निवेश प्रस्तावों पर विचार किया गया, उनमें नमकीन, ब्रेड एवं रस्क, सोया आधारित उत्पाद, पास्ता, पोल्ट्री फीड और अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और विस्तार के साथ-साथ ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।
