संसद का मानसून सत्र चल रहा है और नीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। बीते दिनों सदन स्थगित रहा और आज फिर इसकी कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इन सब के बीच लोकसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
दरअसल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव इस बात से नाराज थे कि उन्हें NEET-UG पेपर लीक और 20 जुलाई को युवाओं के विरोध-प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई के बारे में बोलने नहीं दिया गया। लोकसभा स्पीकर द्वारा कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को बोलने की इजाजत दिए जाने के बाद अखिलेश ने सवाल उठाया कि क्या सरकार और कांग्रेस के बीच कोई समझौता हो गया है।
इस हंगामे के बीच अखिलेश बीच-बचाव करने के लिए तेजी से खड़े हुए। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है बल्कि छात्रों और युवाओं से जुड़ा है।
इसके बाद गुस्से में अखिलेश ने कहा, “आपने उन्हें (कांग्रेस) और उन्हें (बीजेपी) बोलने का मौका दिया। हमारा क्या? क्या सरकार ने कोई डील की है? क्या आपकी कोई आपसी समझ बनी है?” शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए अखिलेश ने चेतावनी दी कि अगर छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज किया जाता रहा तो वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे।
अखिलेश ने कहा, “क्या वे (पीएम मोदी) देश के युवाओं के लिए संसद में बयान नहीं दे सकते? अगर वे बाहर बोल सकते हैं तो संसद के अंदर क्यों नहीं?”
