जागरण संवाददाता, बड़ौत (बागपत)। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए बड़ौत स्थित उनके भाई रविराज धनखड़ के आवास पर रखा गया। वहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल रहा और लोगों ने नम आंखों से अपने सपूत को अंतिम विदाई दी।
श्रद्धांजलि देने वालों में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, छपरौली विधायक अजय तोमर सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। त्रिपुरा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी बड़ौत पहुंचे और दिवंगत डीजीपी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस दौरान राज्यमंत्री असीम अरुण ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अनुराग धनखड़ एक बेहद ईमानदार, कर्मठ और उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी थे। उन्होंने अपने पूरे सेवा काल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और बेहतर कार्यों के लिए जाने जाते रहे। उन्होंने कहा कि उनकी मृत्यु के कारणों को लेकर फिलहाल किसी भी प्रकार की अटकलें लगाना उचित नहीं है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
असीम अरुण ने कहा कि सीबीआई में अपने कार्यकाल के दौरान अनुराग धनखड़ ने कई संवेदनशील मामलों की जांच की थी। उनकी निष्पक्ष कार्यशैली और ईमानदारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी सौंपते हुए उनके नाम का उल्लेख किया था, जो उनकी कार्यकुशलता और विश्वसनीयता का प्रमाण है।
श्रद्धांजलि सभा के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए बड़ौत के श्मशान घाट ले जाया गया। उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, राज्यमंत्री केपी मलिक, विधायक अजय तोमर सहित कई जनप्रतिनिधि, पूर्व सांसद, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। त्रिपुरा पुलिस ने दिवंगत डीजीपी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी।
उनके निधन से पैतृक गांव बिहारीपुर में शोक है। गांव और मोहल्ले के लोगों का कहना है कि छह साल पहले अनुराग परिवार के साथ गांव में आए थे, वह काफी मिलनसार थे। गांव के ही अनिल हवलदार का कहना है कि 10 दिन पहले उन्होंने अनुराग से फोन पर बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने जनपद के लिए कोई अच्छा कार्य करने की बात कही थी।
