पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के घर पर लखनऊ में बुधवार को हुई छापेमारी में विजलेंस टीम को छिपी तिजोरियों में सोना-चांदी भरा मिला है। घर में दो बड़ी तिजारियां मिली हैं। इनमें एक तिजोरी दीवार के पीछे और दूसरी अलमारी के पीछे छिपा कर रखी गई थी। तिजारियों को इस तरह से छिपाकर रखा गया था कि उन पर किसी की नजर न पड़ सके। इन तिजोरियों में सोना-चांदी भरा था। वहीं नोटों के कई बंडल बेड के भीतर से भी बरामद किए गए। उनके घर से कुल 13 किलो सोना और 1.62 करोड़ कैश मिला है। अभी तक उनकी 35 करोड़ की संपत्ति का पता चला है।

ललित कुमार पर परिवहन विभाग में संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) के पद पर तैनात रहने के दौरान 2020 में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा था। तब कानपुर में तैनात रहे ललित कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने खुली जांच की थी, जिसमें वह जांच के लिए निर्धारित अवधि में आय से 68 लाख रुपये से अधिक कमाई के दोषी पाए गए थे और जून 2024 में उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। पिछले साल मई 2025 में एआरटीओ के पद पर प्रोन्नति हुई थी। इसके बाद उनके खिलाफ विजिलेंस को जांच सौंप दी गई थी।

ललित के रसूख और विवादों की कहानी वर्ष 2020 से शुरू होती है, जब वे आरआई पद से पदोन्नत होकर एआरटीओ बने। पदोन्नति के बाद पहली ही तैनाती उन्हें आगरा में एआरटीओ प्रवर्तन के रूप में मिली। इसके बाद से उनका नाम लगातार विवादों से जुड़ता रहा।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, वीआईपी संस्कृति में काम करने वाले इस अधिकारी की मजबूत नेटवर्किंग के चलते विभागीय नियम भी प्रभावहीन नजर आते थे। प्रवर्तन हो या प्रशासन, दोनों जिम्मेदारियों के दौरान उन पर मनमाने निर्णय लेने और कथित रूप से खास सिंडिकेट व दलालों को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे।

उनकी कार्यशैली, कथित अवैध वसूली को बढ़ावा देने और तानाशाही रवैये को लेकर कई बार लखनऊ मुख्यालय और शासन स्तर तक शिकायतें पहुंचीं। हालांकि, हर बार प्रभावशाली संपर्कों और राजनीतिक संरक्षण के कारण उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। वर्ष 2025 में वे आगरा से सेवानिवृत्त हुए। कुछ समय तक उन्होंने एआरटीओ प्रवर्तन के साथ एआरटीओ प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।

छापेमारी में ललित के घर से एक इनोवा व आई-20 कार, रिवाल्वर, विभिन्न बैंकों, पोस्ट आफिस, म्यूचुअल फंड, फिक्स डिपोजिट आदि में लगभग एक करोड़ रुपये से भी अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।

विजिलेंस ने ललित के घर में साज-सज्जा व घरेलू उपकरण में किए गए खर्च की भी लिखा पढ़ी की है। इनमें करोड़ों रुपये खर्च का अनुमान लगाया गया है।

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