लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वसंत कुंज स्थित नवनिर्मित ‘राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल’ आज एक बड़े राजनीतिक शंखनाद का गवाह बना। यहाँ आयोजित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भव्य ‘शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने कहा कि आज की वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल से एक नई प्रेरणा मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश दोनों ही तीव्र गति से विकास के पथ पर अग्रसर हैं।
इस महत्वपूर्ण सांगठनिक सम्मेलन के मंच पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (विशेष प्रभार) नितिन नवीन भी मुख्य रूप से मौजूद रहे, जिनका मुख्यमंत्री ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
‘विरासत का सम्मान और विकास साथ-साथ, आज यूपी में बन रही ब्रह्मोस’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के सुशासन और विकास के मॉडल को जनता के सामने रखते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में विरासत का सम्मान और आधुनिक विकास दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।
सीएम योगी का बड़ा बयान:
“एक समय था जब उत्तर प्रदेश की पहचान कुछ और थी, लेकिन आज हम देश की सुरक्षा के लिए यूपी की धरती पर ब्रह्मोस मिसाइल बना रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए भव्य माँ विंध्यवासिनी कॉरिडोर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।”
उन्होंने पिछली सरकारों को कटघरे में खड़ा करते हुए सीधे तौर पर कहा, “साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में जो सरकारें सत्ता में थीं, वे केवल माफियाओं को पालने-पोसने का काम करती थीं। हमारी सरकार ने सुशासन का एक ऐसा मॉडल स्थापित किया है, जहाँ बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँच रहा है।”
‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कारण ही आज हिंदू सुरक्षित हैं’
अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक योगदान और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा:
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की अखंडता के लिए सबसे पहले बंगाल विभाजन का कड़ा विरोध किया था।
आज यदि देश का हिंदू समाज सुरक्षित है, तो इसका बहुत बड़ा श्रेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की दूरदर्शिता को जाता है।
उन्होंने कश्मीर में ‘दो प्रधान, दो विधान और दो निशान’ के खिलाफ अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
पीएम मोदी की सरकार ने कश्मीर से धारा 370 को हमेशा के लिए समाप्त कर डॉ. मुखर्जी के उस अधूरे सपने को साकार कर दिया है।
सीएम योगी ने यह भी याद दिलाया कि देश में राजनीतिक स्थिरता की शुरुआत साल 1998 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान हुई थी, जिसने सुशासन की नींव रखी।
‘विपक्ष को सिर्फ वोटबैंक की चिंता, यूपी के विकास से वे परेशान हैं’
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विपक्ष को देश या जनता के विकास से कोई सरोकार नहीं है, उन्हें केवल अपने पर्सनल ‘वोटबैंक’ की चिंता सता रही है। विपक्ष लगातार भारत की सनातनी आस्था और सांस्कृतिक प्रतीकों पर प्रहार करता आया है। आज जब उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बनकर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तो यूपी के इसी चौतरफा विकास को देखकर विपक्षी दल पूरी तरह परेशान और हताश हो गए हैं।
बंगाल का जिक्र कर दिया जीत का ‘बूथ मंत्र’
आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने संगठन के कार्यकर्ताओं और शक्ति केंद्र संयोजकों में जोश भरते हुए जीत का सबसे बड़ा मंत्र दिया:
“बूथ जीता तो चुनाव जीता”
सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं को रीढ़ की हड्डी बताते हुए कहा, “किसी भी चुनाव का मुख्य केंद्र बिंदु ‘बूथ’ ही होता है। अगर हमारा बूथ स्तर का संगठन और शक्ति केंद्र मजबूत होगा, तो हमें पश्चिम बंगाल जैसी ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता।”
उन्होंने बंगाल की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले बंगाल में अराजकता और राजनीतिक हिंसा चरम पर थी, लेकिन बीजेपी के मजबूत संगठन और राष्ट्रवाद की नीति के कारण अब वहां घुसपैठ पर पूरी तरह लगाम लग चुकी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पूरी ताकत से अपने-अपने बूथों को मजबूत करने में जुट जाएं।
