अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर बार एसोसिएशन अयोध्या खुलकर मैदान में उतर आया है। बार एसोसिएशन ने गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर देने का ऐलान किया है।

बार के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि गुरुवार दोपहर 12 बजे वकीलों का प्रतिनिधिमंडल थाना राम जन्मभूमि जाकर संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करेगा। पुलिस नामजद तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं करती है तो कोर्ट की शरण लेकर एफआईआर दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि चढ़ावा प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश है।

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में गिरफ्तार अविनाश शुक्ल के ठिकाने से एक क्यूआर कोड लगा दान बॉक्स मिलने से जांच का दायरा बढ़ सकता है। पड़ताल हो रही है कि कहीं इस क्यूआर से अलग खाते में ऑनलाइन चंदा जुटाया या ठगी तो नहीं की गई। कौशलपुरी फेज-1 स्थित योग केंद्र में अविनाश डेढ़ वर्ष से भाई अभिषेक के साथ रह रहा था। बताया जाता है कि पांच जून को ट्रस्ट के प्रतिनिधि पुलिस की मौजूदगी में इसी कमरे से दो बैग ले गए थे।

रामराज्य कोष ट्रस्ट ने सोशल मीडिया पर जारी स्पष्टीकरण में कहा है कि यह ट्रस्ट 2017 से अयोध्या में ही पंजीकृत है। इसका वार्षिक पूजन प्रत्येक वर्ष अक्षय तृतीया पर किया जाता है। इसका अपना अलग बैंक खाता है। बॉक्स का क्यूआर कोड पुराना और निष्क्रिय है। कोष में दान प्राप्त नहीं किया जाता। इस बॉक्स का संबंध रामजन्मभूमि ट्रस्ट या उसके चोरी हुए धन से नहीं है।

अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी में गिरफ्तार तीन आरोपियों के घर बुधवार को पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय के पैतृक घर की तलाशी ली। हिन्दुस्तान ने बुधवार के अंक में लवकुश मिश्रा के बारे में में बताया था कि वह कैसे रातोंरात लखपति हो गया। शुजागंज संवाददाता के अनुसार रामजन्मभूमि थाना पुलिस टीम बुधवार दोपहर रुदौली थाने के पुलिस के साथ फगौली ठकुरान स्थित लवकुश के घर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से लवकुश के आय के स्रोत व एक वर्ष के भीतर खरीदे गए भूखण्ड व अन्य कीमती समानों के सम्बंध में जानकारी हासिल की। पुलिस ने घर मे मौजूद लवकुश की दादी गिरिजा देवी से काफी देर तक पूछताछ कर अहम जानकारियां हासिल की। पुलिस ने परिवार के लोगों से पूछताछ, घर में तलाशी के अलावा भूसे के ढेर को भी खंगाला। लाठी से भूसे के ढेर को खोदकर यह पता लगाने की कोशिश की थी कि कहां चढ़ावे की चोरी का पैसा यहां तो छिपाया नहीं है। इसलिए भी भूसे की तलाशी ली गई कि लवकुश के यहां से ही कुछ दिनों पहले उपले के ढेर से रुपये बरामद हुए थे।
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