भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब 2014 में केंद्र की सत्ता संभाली तो कहा कि हम शासक नहीं सेवक के रूप में कार्य करेंगे।
प्रधानमंत्री ने उसी रास्ते पर चलते हुए महिला, गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान की समस्याओं को समझा और योजनाओं को कार्यरूप में जमीन पर उतारा। इसका परिणाम है कि देश विकसित भारत संकल्प की ओर बढ़ चला है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्ष के सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में बुधवार को बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोई भी योजना वोट के लिए नहीं लागू की।
उन्होंने बिना भेदभाव के योजनाओं को हर जाति, धर्म, क्षेत्र के लिए लागू किया। जनता की जिस मूलभूत आवश्यकता को पिछले 70 वर्ष में किसी ने नहीं सोचा उसे मोदी ने जमीन पर उतारा। लोगों की कई पीढ़ियां निकल गईं लेकिन पक्की छत नहीं बनी।
मोदी ने समझा और समझाया कि शौचालय घर का हिस्सा ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान की रक्षा है। प्रधानमंत्री की दर्जनों कल्याणकारी योजनाओं का केंद्र महिला रहीं। जनधन खाता खोला तो विपक्ष के लोगों ने मजाक उड़ाया। आज उसी खाते में डीबीटी के माध्यम से 91 लाख करोड़ सीधे भेजा गया। किसानों को कर्जदार नहीं किसान सम्मान निधि के माध्यम से सक्षम बनाया।
किसानों का ख्याल रखने का परिणाम ही है कि आज भी यूरिया मात्र 266 रुपये बोरी है। फसलों का न केवल समर्थन मूल्य बढ़ाया, बल्कि उसकी रिकार्ड खरीदारी भी की। केंद्र सरकार के विभागों में 10 लाख युवाओं को नौकरी देने के साथ बेरोजगारों को मुद्रा लोन आदि माध्यमों से रोजगार देने वाला बनाया।
पंकज चौधरी इसके पूर्व मांडवी तालाब पर सफाई अभियान में शामिल हुए। कई गणमान्य नागरिकों के आवास पहुंचकर उनको केंद्र सरकार की योजनाओं, परियोजनाओं से अवगत कराया। वह संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रगति पथ यात्रा में भी शामिल हुए।
